रांची जिला प्रशासन ने शीतलहर से बचाव के लिए जिले भर में की अलाव की व्यापक व्यवस्था
रांची : राज्य सरकार के निर्देशों का अनुपालन करते हुए तथा रात के तापमान में निरंतर गिरावट और शीतलहर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जिले के सभी जरूरतमंद नागरिकों के लिए बड़े पैमाने पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की है।
वर्तमान में झारखंड में भीषण शीतलहर का प्रकोप जारी है। रांची का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जिससे विशेष रूप से बेघर, दिहाड़ी मजदूर और खुले में रात गुजारने वालों को कठिनाई हो रही है। इस विशेष अभियान के तहत रांची शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन परिसर तथा खुले में रात बिताने वाले लोगों की बस्तियों में अलाव जलाए जा रहे हैं। जिले के सभी प्रखंडों में भी यह व्यवस्था व्यापक रूप से लागू की गई है।
प्रखंड मुख्यालयों, पंचायत भवन परिसरों, ग्रामीण हाट-बाजारों, धार्मिक स्थलों के निकट, मजदूर चौकियों तथा बेघर एवं दिहाड़ी मजदूरों की अधिकता वाले स्थानों पर नियमित रूप से अलाव की व्यवस्था की गई है।
सभी अंचल अधिकारियों तथा प्रखंड विकास पदाधिकारियों को पहले से ही कड़े निर्देश जारी किए गए हैं कि लकड़ी एवं कोयले की किसी भी प्रकार की कमी न हो तथा मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अतिरिक्त अलाव की व्यवस्था की जाए।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा, “ठंड के इस मौसम में किसी भी नागरिक, विशेष रूप से बेघर लोगों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा-ठेला चालकों तथा रात में ड्यूटी करने वालों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि शीतलहर से बचाव के लिए सतर्क रहें तथा जरूरतमंदों को अलाव स्थलों का लाभ उठाने हेतु प्रोत्साहित करें।

















