झारखंड निकाय चुनाव 2026: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने लगाए गंभीर आरोप, कहा – सत्ताधारी गठबंधन ने लोकतंत्र का गला घोंटने की हर कोशिश की
रांची : झारखंड के 48 नगर निकायों में आज संपन्न हुए मतदान के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने प्रेस वार्ता कर राज्य की सत्ताधारी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो-कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन ने पुलिस प्रशासन के सहारे चुनाव को प्रभावित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन जनता भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के साथ खड़ी दिखी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आदित्य साहू ने कहा, “निकाय चुनाव में लोकतंत्र का गला घोंटने के लिए राज्य के सत्ताधारी गठबंधन ने हर कोशिश की। पुलिस प्रशासन के दुरुपयोग से बोगस मतदान, धमकियां, हथियारबंद लोगों द्वारा मतदाताओं को डराना और एक समुदाय विशेष के वोट प्रतिशत बढ़ाने की कोशिश की गई।”
उन्होंने मतदाताओं, मतदान कर्मियों और राज्य निर्वाचन आयोग का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि औसतन 50% से अधिक मतदान हुआ (अंतिम आंकड़ों में कई जिलों में 60% से ऊपर पहुंचा), जो जनता के उत्साह को दर्शाता है। श्री साहू ने कहा कि राज्य सरकार कभी निकाय चुनाव कराने के पक्ष में नहीं थी, लेकिन भाजपा के आंदोलनों और न्यायालय के दबाव में चुनाव कराने पड़े।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जो आरोप लगाए हैं उनमें 20 हजार से अधिक मतदान कर्मियों को पोस्टल बैलेट से वंचित रखा गया, भाजपा समर्थित क्षेत्रों में पोलिंग प्रतिशत कम करने की कोशिश, बोगस वोटिंग के कई उदाहरण: मेदिनीनगर (वार्ड 6, बूथ 3-4), गढ़वा (वार्ड 20), गिरिडीह में हथियारबंद लोग, जुगसलाई में अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष हिदायतुल्ला खान द्वारा धमकी, जमशेदपुर में महिलाओं को धमकाना, चक्रधरपुर और चाकुलिया में नोट बांटना। मतदाता सूची में गड़बड़ी, बूथ घरों से दूर करना, वोटर आईडी जांच में दोहरा मापदंड (मुस्लिम मतदाताओं को बिना जांच वोट देने दिया गया) और मेयर और पार्षद के वोट एक ही बक्से में डालने से मतगणना प्रभावित करने की साजिश शामिल है।
आदित्य साहू ने चेतावनी दी, “यदि मतगणना को प्रभावित करने की कोशिश हुई तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी। राज्य निर्वाचन आयोग निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित कराए।” उन्होंने दावा किया कि कार्यकर्ताओं की रिपोर्टों के आधार पर जनता का रुझान पूरी तरह भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में है और अधिकांश सीटें जीतेंगे।

















