सिमडेगा में खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई! बंसल होलसेल समेत कई दुकानों पर छापा, खाद्य तेल, सूजी और घी के सैंपल लिए गए
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : त्योहारों के सीजन में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों पर लगाम लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ा अभियान छेड़ा है। गुरुवार को खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी के नेतृत्व में शहर के विभिन्न इलाकों में किराना दुकानों और थोक विक्रेताओं का सघन निरीक्षण किया गया।
इस दौरान बाजार टाड रोड कॉलेज मोड़ के निकट बंसल होलसेल क्षेत्र में मेसर्स निखिल इंटरप्राइजेज, मेसर्स कृष्ण कांति इंटरप्राइजेज और मेसर्स मणिराम अग्रवाल सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई। टीम ने साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था, एक्सपायरी तिथि, पैकेजिंग और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की।
जांच के दौरान मेसर्स मणिराम अग्रवाल से खाद्य तेल, मेसर्स कृष्ण कांति इंटरप्राइजेज से सूजी और मेसर्स निखिल इंटरप्राइजेज से घी के नमूने सहित अन्य सामग्रियों के सैंपल एकत्र कर प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद मिलावट या मानक उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने फल विक्रेताओं को विशेष चेतावनी दी कि कैल्शियम कार्बाइड (कार्बाइड) से फल पकाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का स्पष्ट उल्लंघन है। कार्बाइड के इस्तेमाल पर पकड़े जाने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
उन्होंने बताया कि त्योहारों के समय मिलावट की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए विभाग लगातार निरीक्षण, सैंपलिंग और जागरूकता अभियान चला रहा है। आम नागरिकों से अपील है कि वे किसी भी संदिग्ध या मिलावटी खाद्य सामग्री की जानकारी तुरंत विभाग को दें, ताकि जन स्वास्थ्य की रक्षा समय पर की जा सके।
ज्ञात हो कि जिले में कुछ जगहों पर एक्सपायरी सामान का रैपर हटाकर या फर्जी लेबल लगाकर बेचने की शिकायतें मिलती रही हैं। विभाग का यह अभियान होली और रमज़ान के दौरान सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

















