Is Coal Not Unloaded in Ramgarh Without an 'MLA Permit'? Viral Audio Sparks Uproar!

मांडू में बिना विधायक परमिट के नहीं होता कोई काम! आरोप विधायक बनने से पहले भी मंत्री के हनक से चलता था रसूख , वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप!

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मांडू में बिना विधायक परमिट के नहीं होता कोई काम!
आरोप ,विधायक बनने से पहले भी मंत्री के हनक से चलता था रसूख ,वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप!

कोयले के काले खेल में फंसी आजसू की साख! सुने विधायक और कारोबारी की बातचीत का पूरा ब्योरा। 

 

मांडू:  झारखंड में कोयले के काले खेल में सफेदपोशों की दखलंदाजी कोई नई बात नहीं है, लेकिन मांडू विधायक *निर्मल महतो  का एक कथित वायरल ऑडियो इस खेल की परतों को सरेआम खोल रहा है। ऑडियो में जिस अंदाज में विधायक एक शख्स को धमका रहे हैं, उससे यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या रामगढ़ में पुलिस का नहीं, बल्कि विधायक का ‘समानांतर प्रशासन’ चलता है?

10 मिनट में गाड़ी जब्त करा देंगे’ – सत्ता की हनक या वसूली का डर?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस ऑडियो में विधायक और सालू खान नाम के व्यक्ति के बीच की बातचीत ने राजनीति के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। ऑडियो के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

बिना पूछे काम क्यों: विधायक निर्मल महतो गुस्से में कहते हैं, बिना कहले-पुछले हमर विधानसभा में गिरवही यार… अउर हमर घरवे के पास।

यह वाक्य साफ इशारा करता है कि विधानसभा क्षेत्र में काम करने के लिए ‘मंजूरी’ अनिवार्य है।
प्रशासन का ‘रिमोट कंट्रोल‘: विधायक सीधे तौर पर 10 मिनट में गाड़ी जब्त कराने और FIR दर्ज कराने की धमकी देते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस की कार्रवाई नियमों से नहीं, बल्कि विधायक के ‘ग्रीन सिग्नल‘ से तय होती है।

कल सुबह भेंट करो:  अवैध काम को रोकने के बजाय विधायक का यह कहना कि  कल सुबह भेंट कर , कई गंभीर संदेह पैदा करता है।

आजसू की विचारधारा पर सवाल

आजसू पार्टी जिसका इनदिनों झारखंड में महज एक ही विधयाक है निर्मल महतो ।  कभी 6 विधायको तक पहुचने वाली आज 1 विधायक में सिमट गई है ।  ऐसे में  विधायक का नाम इस तरह के ‘कोयला सिंडिकेट’ से जुड़ना पार्टी की छवि पर गहरा दाग लगा सकता है। क्या पार्टी इस पर कम से कम आंतरिक जांच करवाएगी । क्या जनता को ऐसे फोन पर गाली देना जायज है?

तीन सुलगते सवाल: जिनका जवाब जनता चाहती है

अगर ऑडियो में सच्चाई है तब  ?  इस ऑडियो के वायरल होने के बाद  दृष्टि नाउ’ (Drishti Now) प्रशासन से ये सवाल पूछता है:
1. क्या पुलिस कठपुतली है?  क्या रामगढ़ के पुलिस अधिकारी अपनी वर्दी की ताकत को विधायक के हाथों गिरवी रख चुके हैं?
2.  क्या यह ‘परमिट राज’ है?  क्या जिले में कोयले का कोई भी काम (वैध या अवैध) बिना राजनीतिक संरक्षण के नहीं हो सकता?
3. जांच कब होगी? ऑडियो में हेसला का जिक्र है, जहाँ कोयला गिराया जा रहा था। क्या रामगढ़ पुलिस इस स्थान की तुरंत जांच कर कार्रवाई करेगी, या विधायक के दबाव में चुप्पी साधे रखेगी?

यदि कोयले का कारोबार अवैध है, तो विधायक को उसे रोकने के लिए पुलिस को निर्देश देना चाहिए था, न कि व्यवसायी को निजी तौर पर ‘मुलाकात’ के लिए बुलाना चाहिए था। यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की बू देता है।

नोट – दृष्टि नाउ इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नही करता 

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