रांची: बाबा साहेब की 135वीं जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने अर्पित किया श्रद्धासुमन
रांची: बाबा साहेब की 135वीं जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने अर्पित किया श्रद्धासुमन
रांची: भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आज राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में उत्साह का माहौल रहा। मुख्य कार्यक्रम रांची के डोरंडा स्थित अंबेडकर चौक पर आयोजित किया गया, जहाँ राज्य के गणमान्य व्यक्तियों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया माल्यार्पण
राजभवन से निकलकर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और CM हाउस से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सीधे डोरंडा पहुंचे। यहाँ उन्होंने बाबा साहेब की आदमकद प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित किए । इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं। तीनों नेताओं ने बाबा साहेब के सामाजिक न्याय और समानता के संदेश को याद किया।
लोकतंत्र में बाबा साहेब का योगदान अतुलनीय: हेमंत सोरेन
इस मौके पर लोगो को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन और उनके विचार भारत जैसे विशाल लोकतंत्र के लिए आधारस्तंभ हैं। उन्होंने कहा:
आज का यह शुभ दिन पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में बाबा साहेब का जो योगदान है, वह कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी संविधान रचना का लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है। उनकी जयंती पर देश का मस्तक ऊंचा हुआ है और हम सदैव उनके ऋणी रहेंगे।
संविधान और गौरव का प्रतीक
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब ने न केवल संविधान लिखा, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को अधिकार और सम्मान के साथ जीने का मार्ग भी दिखाया। डोरंडा स्थित अंबेडकर चौक पर सुबह से ही विभिन्न संगठनों और आम लोगों की भारी भीड़ बाबा साहेब को श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ती रही।















