JMM attacks results in five states

“पांच राज्यों के नतीजों पर JMM का हमला: बंगाल चुनाव ‘असंवैधानिक’, असम में परिसीमन पर उठाए सवाल”

JMM attacks results in five states

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रांची : हरमू स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रियो भट्टाचार्य ने देश के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों पर विस्तार से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अलग-अलग राज्यों के नतीजों का विश्लेषण करते हुए राजनीतिक संकेतों और भविष्य की रणनीति पर भी बात रखी।

पुडुचेरी में AIADMK और उसके सहयोगियों को सरकार बनाने के लिए बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले United Democratic Front (UDF) की जीत पहले से तय मानी जा रही थी।

दक्षिण भारत की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यहां सिनेमा जनसंवाद का बड़ा माध्यम रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने अभिनेता विजय के मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई। साथ ही कर्नाटक, तेलंगाना और केरल में कांग्रेस के प्रदर्शन को उन्होंने मजबूत होता हुआ बताया।

असम के चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि परिसीमन के जरिए विधानसभा क्षेत्रों में बदलाव कर चुनाव को प्रभावित किया गया। उन्होंने बताया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पहली बार हेमंत सोरेन के नेतृत्व में 17 सीटों पर चुनाव लड़ा और करीब 0.5 प्रतिशत वोट हासिल किए। पार्टी 10 सीटों पर तीसरे और एक सीट पर दूसरे स्थान पर रही।

पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों को लेकर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे अवैध और असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए विभिन्न एजेंसियों का इस्तेमाल किया। साथ ही भारतीय चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि लाखों मतदाताओं को मतदान से वंचित रखा गया।

विपक्ष की भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने अनोखी तुलना करते हुए कहा कि जैसे शरीर में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए कीवी फल फायदेमंद होता है, उसी तरह जेएमएम विपक्ष को मजबूती देने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन को मजबूत करने और नेतृत्व देने की क्षमता जेएमएम में है।

झारखंड में संभावित परिसीमन को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह सतर्क है और आंतरिक तैयारी कर रही है। उन्होंने आशंका जताई कि असम की तरह यहां भी जनसांख्यिकीय बदलाव की कोशिश हो सकती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार अनुसूचित जनजाति (ST) सीटों में कमी की कोई संभावना नहीं है और इस पर 2029 के बाद ही कोई आयोग विचार करेगा।

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