प्रदुषण रोक नहीं सकते तो पदाधिकारी नौकरी छोड़ दें.

Author drishtinow | Edited by drishtinow
Updated: Sat, 28 Nov 2020 01:56 PM (IST)

गिरिडीह, दिनेश.

गिरिडीह : कोरोना काल के बीच शनिवार को परिसदन भवन में विस के निवेदन समिति की बैठक हुई। बैठक में निवेदन समिति के सभापति सह विधायक उमाशंकर अकेला, झरिया विधायिका पूर्णिमा सिंह, सिंदरी विधायक के अलावे गिरिडीह के सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू समेत डीसी राहुल सिन्हा और एसपी अमित रेणु भी शामिल हुए। बैठक में गिरिडीह के सभी विभागों के योजनाओं की समीक्षा करने के साथ योजनाओं को पारदर्शिता के साथ तेज करने पर चर्चा हुआ। लेकिन बैठक में झारखंड प्रदुषण बोर्ड की नाकामी और गिरिडीह के औद्योगिक इलाकों में संचालित स्पंज आयरन कारखानों से फैलते जानलेवा प्रदुषण का मुद्दा छाया रहा।

सदर विधायक सोनू ने इस दौरान बैठक में समिति के समक्ष ही स्पंज आयरन के फैलते प्रदुषण के सवाल को उठाया। विधायक के सवाल उठाने पर प्रदुषण बोर्ड के रीजनल पदाधिकारी से समिति ने जवाब मांगा। लेकिन बोर्ड के रीजनल पदाधिकारी के पास भी कोई जवाब नहीं था। लिहाजा, सभापति समेत कई सदस्य प्रदुषण बोर्ड के रीजनल पदाधिकारी पर गर्म दिखें। और रीजनल पदाधिकारी को डांटते हुए नौकरी तक छोड़ देने का सुझाव दे डाला।

रीजनल पदाधिकारी के तर्क सुन समिति का स्पस्ट कहना था, कि जिन कारखानों से फैलते प्रदुषण को बोर्ड बंद नहीं करा सकता। तो फिर पदाधिकारी की क्या जरुरत। इस दौरान सदर विधायक सोनू ने बैठक में ही रीजनल पदाधिकारी को भष्ट्र बताते हुए अल्टीमेटम दिया कि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ। तो जनवरी माह में कई स्पंज आयरन कारखानों को बंद कराया जाएगा। साथ ही बोर्ड के निकम्मे पदाधिकारियों को हटाया भी जाएगा।

करीब एक घंटे तक चले बैठक के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत के क्रम में समिति के सभापति उमाशंकर अकेला ने प्रदुषण फैलने का दुसरा सबसे बड़ा कारण अवैध तरीके से जिले में चल रहे क्रेशर मील भी हैं। जो खनन विभाग के संरक्षण में चल रहे है। ऐसे क्रेशर मीलों पर भी कार्रवाई का सिफारिश समिति के सभापति द्वारा किया गया। बताया कि बैठक में कुल 30 निवेदन आएं थे। इसमें जमुआ विधायक केदार हाजरा द्वारा एक विद्यालय को उत्क्रमित करने। तो दुसरा सदर विधायक सोनू द्वारा गिरिडीह विस में एक पुलिस पिकेट शुरु करने का।

सभापति उमाशंकर अकेला ने बातचीत के क्रम में स्वीकारा कि कोरोना काल में योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बढ़ी है। इसके बाद भी हालात को समान्य करने में हेंमत सरकार लगातार प्रयासरत है। बैठक में कई विभाग के पदाधिकारी मौजूद थे।

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