जमशेदपुर में पेट्रोल-डीजल के लिए त्राहि-त्राहि: अफवाह और हकीकत के बीच फंसा शहर, 100 के पार पहुँचा पेट्रोल

नीरज तिवारी
जमशेदपुर: लौहनगरी में पिछले तीन दिनों से ईंधन का संकट गहराया हुआ है। शहर के पेट्रोल पंपों पर सुबह 4 बजे से ही वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। आलम यह है कि कई पेट्रोल पंपों के बाहर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लटके हैं, जबकि जहां सप्लाई चालू है, वहां भारी भीड़ के कारण घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दोगुनी हुई मांग, कीमतों में भी बड़ा उछाल
संकट के बीच शुक्रवार से ईंधन की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जमशेदपुर में अब पेट्रोल की कीमत 100.76 प्रति लीटर (97.80) और डीजल की कीमत 95.68 प्रति लीटर (पहले 92.55) हो गई है। कीमतों में अचानक आए इस उछाल और किल्लत की खबरों ने आम जनता की परेशानी को दोगुना कर दिया है।
प्रशासन का दावा: “ईंधन की कमी नहीं, पैनिक बाइंग है वजह”
एक ओर जहां सड़कों पर हाहाकार मचा है, वहीं जिला प्रशासन ने इसे केवल ‘अफवाह’ करार दिया है। उपायुक्त राजीव रंजन और एसएसपी पीयूष पांडेय ने तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HP) के साथ आपात बैठक की।
प्रशासनिक बैठक के मुख्य अंश:
पर्याप्त स्टॉक: तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में ईंधन का पर्याप्त भंडार है।
दोगुनी बिक्री: अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा तेल ले रहे हैं, जिससे पंपों पर दबाव बढ़ गया है।
कैश पेमेंट का संकट: कई पंपों पर डिजिटल पेमेंट बंद कर केवल कैश लिया जा रहा है, जिस पर प्रशासन ने संज्ञान लिया है।
“जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सप्लाई चेन सुचारु है। लोग पैनिक बाइंग (अफरातफरी में खरीदारी) से बचें और केवल आवश्यकतानुसार ही ईंधन लें।” – राजीव रंजन, उपायुक्त
सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस तैनात
भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख चौक-चौराहों और पेट्रोल पंपों के बाहर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है। भारी वाहनों और ट्रकों की कतारों की वजह से हाईवे और शहर की मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे स्कूल बस और एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है।

















