झारखंड राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने चला बड़ा दांव, परिमल नाथवाणी को समर्थन; मुकाबला हुआ त्रिकोणीय

रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने आधिकारिक उम्मीदवार की घोषणा नहीं करते हुए बड़ा रणनीतिक दांव खेला है। पार्टी ने निर्दलीय उम्मीदवार एवं पूर्व राज्यसभा सांसद Parimal Nathwani को समर्थन देने का फैसला किया है। इस निर्णय के बाद राज्यसभा चुनाव का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सूत्रों के अनुसार, भाजपा की ओर से कांग्रेस नेता एवं अर्थशास्त्री Gaurav Vallabh ने शनिवार को नामांकन पत्र खरीदा था, जिससे उनके भाजपा उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि रविवार को उनके दिल्ली लौट जाने के बाद यह लगभग स्पष्ट हो गया कि भाजपा उन्हें उम्मीदवार नहीं बना रही है।
इधर, परिमल नाथवाणी की उम्मीदवारी को लेकर भाजपा-एनडीए खेमे में गतिविधियां तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार भाजपा, जदयू, आजसू और लोजपा (रामविलास) के विधायक उनके प्रस्तावक बन सकते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Navin ने भी इस संबंध में एनडीए विधायकों के साथ बैठक कर रणनीति पर चर्चा की है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा के समर्थन से नाथवाणी की दावेदारी मजबूत हुई है। नाथवाणी पहले भी झारखंड से राज्यसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और विभिन्न दलों के नेताओं से उनके अच्छे संबंध बताए जाते हैं।
उधर, सत्तारूढ़ महागठबंधन की ओर से भी दोनों सीट पर उम्मीदवार घोषित किया जा चुका है। ऐसे में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी के मैदान में आने से चुनावी मुकाबला अब त्रिकोणीय होता नजर आ रहा है। राज्यसभा की दो सीटों के लिए बढ़ती दावेदारियों और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच अब सबकी नजर नामांकन और मतदान की प्रक्रिया पर टिकी हुई है, जहां विधायकों का संख्या बल और क्रॉस वोटिंग की संभावनाएं चुनावी परिणामों को रोचक बना सकती हैं।















