नीति आयोग की 11वीं बैठक: विकसित भारत @2047 के लिए सीएम हेमंत सोरेन ने रखी झारखंड की बात, केंद्र से विशेष सहायता की मांग
रांची / नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु ‘विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास’रहा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने झारखंड के विकास के लिए रोडमैप प्रस्तुत किया और राज्य की विशिष्ट जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग की मांग की।
झारखंड की प्रमुख मांगें और मुद्दे:
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की:
राजस्व बंटवारा और जीएसटी: जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य के बीच राजस्व बंटवारे (वर्टिकल डिवोल्यूशन) को वर्तमान 41% से बढ़ाकर 50% करने की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद से झारखंड जैसे औद्योगिक राज्यों को राजस्व का नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई के लिए केंद्र को विशेष कदम उठाने चाहिए।
विशेष केंद्रीय सहायता: जानकारी यह भी है ली सीएम ने रेखांकित किया कि झारखंड ने नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पहले राज्य के 16 जिले उग्रवाद प्रभावित थे, जो अब घटकर केवल दो (पश्चिमी सिंहभूम और लातेहार) रह गए हैं। इसके बावजूद, उन्होंने मांग की कि सभी 16 जिलों में ‘विशेष केंद्रीय सहायता’ जारी रहनी चाहिए ताकि विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहे।
आधारभूत ढांचा और रेल विस्तार: राज्य में रेल परिचालन के विस्तार, साहेबगंज को कार्गो हब बनाने और गंगा नदी पर अतिरिक्त पुलों के निर्माण पर जोर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वन क्षेत्रों की अधिकता के कारण बुनियादी ढांचे के कार्यों में मिलने वाली स्वीकृतियों में हो रही देरी को दूर करने के लिए विशेष तंत्र बनाया जाए।
सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य: राज्य की ‘अबुआ स्वास्थ्य
योजना’ और अन्य पेंशन योजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम ने केंद्र से आयुष्मान भारत और मनरेगा जैसी योजनाओं के मानदंड राज्यों की जरूरत के अनुसार लचीले बनाने की अपील की।
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा: विदेशों में काम करने वाले झारखंड के श्रमिकों के लिए वीजा, सुरक्षा और खर्चों में केंद्र की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
क्या है ‘विकसित भारत @2047’ का रोडमैप?
नीति आयोग की इस बैठक का उद्देश्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। इस वर्ष का एजेंडा चार मुख्य स्तंभों पर आधारित रहा:
1. मूलभूत मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल।
2. उत्पादक रोजगार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास।
3. स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण।
4. सभी के लिए समानता और सम्मान।
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