Lord Rama is also mentioned in tribal Sanskrit

आदिवासी संस्कृत में भी भगवान राम का जिक्र, कई जनजातियों का मौखिक रामायणी भी है : IRS निशा उरांव

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Lord Rama is also mentioned in tribal Sanskrit

लोहरदगा (झारखंड): झारखंड की भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी निशा उरांव ने समाज में एकता और सद्भाव का एक सशक्त उदाहरण पेश करते हुए कहा है कि आदिवासी समाज और भगवान राम का संबंध सदियों पुराना और अटूट है। उन्होंने कहा कि वनवासी राम भगवान जब वनवास पर थे तो आदिवासी ही उनके साथ रहे थे , और लंका युद्ध में विजय भी दिलवाई थी .. उन्होंने कहा कि भगवान राम से आदिवासियों का अटूट रिश्ता है और आने वाले भविष्य में भी जब कभी राम राज्य की स्थापना होगी तो आदिवासियों का महत्वपूर्ण योगदान होगा .. निशा उरांव लोहरदगा में आयोजित ‘राम दरबार मंदिर’ के शिलान्यास पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद, उन्होंने सरना और सनातन समाज के बीच के गहरे ऐतिहासिक बंधनों पर जोर दिया।

 

‘राम के वनवास में हम परिवार की तरह साथ थे

निशा उरांव ने अपने संबोधन में ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए कहा, “सभी वनवासी राम को पूजते हैं। जब भगवान राम वनवास में थे, तो हम आदिवासी ही परिवार की तरह उनके साथ खड़े थे। लंका पर विजय दिलाने में भी आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति में भी बार-बार भगवान राम का जिक्र आता है कई जनजातियों का मौखिक रामायणी भी है

सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा करते हुए IRS अधिकारी ने उन लोगों पर निशाना साधा जो समाज में भ्रम फैलाने का काम करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी संस्कृति में भगवान राम रचे-बसे हैं और प्राचीन काल से ही इन दोनों समाजों के बीच कोई भेदभाव नहीं रहा है। उन्होंने समाज को विभाजित करने वाली शक्तियों को कड़ा जवाब देते हुए भाईचारे को सर्वोपरि बताया।

राम राज्य की परिकल्पना में आदिवासियों की भूमिका

निशा उरांव ने भविष्य की ओर देखते हुए कहा कि राम राज्य की परिकल्पना में आदिवासी समाज की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है और यदि आधुनिक युग में राम राज्य स्थापित होता है, तो उसमें भी आदिवासियों का बहुमूल्य योगदान बना रहेगा।

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