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हजारीबाग नगर आयुक्त पर हाईकोर्ट सख्त, बार-बार आदेश की अवहेलना पर अवमानना नोटिस जारी

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रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने हजारीबाग नगर निगम के नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए पूछा है कि उनके विरुद्ध अदालत की अवमानना (Contempt of Court) की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए। अदालत ने पाया कि स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नगर आयुक्त ने स्वयं हलफनामा दाखिल नहीं किया और बार-बार अपने अधीनस्थ अधिकारियों से हलफनामा दाखिल कराया।
मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ W.P. (PIL) No. 4534 of 2021 की सुनवाई कर रही थी। याचिका अच्युत स्वरूप मिश्रा ने दायर की है।

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अदालत ने कहा कि इससे पहले 9 जनवरी 2026 और 16 फरवरी 2026 के आदेशों में भी नगर आयुक्त को स्वयं हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया था। तब भी उनके स्थान पर कनिष्ठ अधिकारियों द्वारा हलफनामा दाखिल किया गया, जिसे अदालत ने आदेशों की अवहेलना माना था। उस समय अदालत ने अवमानना नोटिस जारी करने पर विचार किया था, लेकिन सरकारी पक्ष के आश्वासन पर उसे टाल दिया गया था।

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इसके बावजूद 18 जून 2026 को पूरक हलफनामा दाखिल करने के निर्देश के बाद भी 9 जुलाई 2026 की सुनवाई में नगर आयुक्त की जगह नगर निगम के कार्यपालक अभियंता का हलफनामा दाखिल किया गया।

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खंडपीठ ने टिप्पणी की कि पहली नजर में ऐसा प्रतीत होता है कि नगर आयुक्त अदालत के आदेशों की अवहेलना करने पर आमादा हैं। अदालत ने कहा कि बैठकों में व्यस्त होना न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं करने का कोई उचित कारण नहीं हो सकता।

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हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता को नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ Contempt of Courts Act के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। साथ ही निर्देश दिया कि इस बार 17 जुलाई 2026 तक नगर आयुक्त स्वयं अपना हलफनामा दाखिल करें और उसकी अग्रिम प्रति याचिकाकर्ता को भी उपलब्ध कराएं।

मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई 2026 को होगी।

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