Two arrested in Gumla's DSE office while accepting a bribe of Rs 50,000.

गुमला में एसीबी का ‘सर्जिलकल स्ट्राइक’: डीएसई कार्यालय में 50 हजार घूस लेते प्रधान सहायक समेत दो धराए

Two arrested in Gumla's DSE office while accepting a bribe of Rs 50,000.

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दीपक गुप्ता / गुमला

गुमला: झारखंड के सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसकी एक और बानगी मंगलवार को गुमला में देखने को मिली। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) रांची की टीम ने एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) कार्यालय में छापा मारा और 50 हजार रुपये की घूस लेते दो लोगों को रंगे हाथों दबोच लिया।

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क्या है पूरा मामला?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मामला एक शिक्षक के ‘एरिया निकासी’ से जुड़ा था। अपना काम आसान कराने के बदले में रिश्वत की डिमांड की गई थी। पीड़ित शिक्षक ने इसकी शिकायत एसीबी से की थी। एसीबी ने पहले गोपनीय तरीके से जाल बिछाया और जैसे ही लेनदेन की प्रक्रिया शुरू हुई, टीम ने कार्यालय में धावा बोल दिया।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

एसीबी की गिरफ्त में आए लोगों में मुख्य रूप से शामिल हैं:

रंजीत कुजूर: जो कि डीएसई कार्यालय में प्रधान सहायक के पद पर तैनात हैं।

वत्सीय रविकांत: ये एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं और क्षेत्र में ‘अल्पसंख्यक शिक्षक संघ’ के नेता के रूप में सक्रिय रहे हैं।

एसीबी की टीम जब कार्यालय पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया। टीम ने डीएसई नूर आलम की मौजूदगी में ही यह कार्रवाई की। फिलहाल दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर रांची स्थित एसीबी मुख्यालय ले जाया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।

प्रशासनिक महकमे में सवालिया निशान

गुमला में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। हाल के दिनों में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय और लघु सिंचाई विभाग के मंडल कार्यालय में भी एसीबी ने घूसखोरों को गिरफ्तार किया था। लगातार हो रही इन गिरफ्तारियों ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या सरकारी तंत्र में बैठे लोग डर-भय से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं?

एसीबी के डीएसपी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला गंभीर है और सेवानिवृत्त शिक्षक की भूमिका की विशेष जांच की जा रही है।

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