चक्रधरपुर रेल मंडल में CBI का बड़ा ट्रैप: डिप्टी CSTE समेत तीन गिरफ्तार,4 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए

By Niraj Tiwari
चक्रधरपुर/कोलकाता:केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए डिप्टी चीफ सिग्नल एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर (Deputy CSTE) और कोलकाता स्थित निजी कंपनी M/s MRT Signals लिमिटेड के दो प्रतिनिधियों को गिरफ्तार किया है। CBI ने आरोपी रेलवे अधिकारी को हावड़ा रेलवे स्टेशन पर 4 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

CBI के अनुसार, इस मामले में 24 जुलाई 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी रेलवे अधिकारी ने निजी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में चल रहे सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन कार्यों से जुड़ी प्राइस वेरिएशन क्लॉज (PVC) और कॉन्ट्रैक्ट वेरिएशन फाइलकी प्रोसेसिंग तथा मंजूरी में अनुचित पक्षपात करने के बदले रिश्वत ली।
मई में भी ली थी 5 लाख रिश्वत
CBI का आरोप है कि आरोपी अधिकारी ने इसी काम के लिए मई 2026 में 5 लाख की रिश्वत पहले ही ले ली थी। इसके बाद भी उसने आधिकारिक पक्षपात जारी रखने के बदले रिश्वत की शेष राशि की मांग की और उसे लेने पर सहमति बनाई।
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हावड़ा स्टेशन पर बिछाया गया जाल
शिकायत के आधार पर CBI ने ट्रैप की योजना बनाई। कार्रवाई के दौरान आरोपी रेलवे अधिकारी को हावड़ा रेलवे स्टेशन पर निजी कंपनी के प्रतिनिधियों से 4 लाख की अवैध रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। रिश्वत की पूरी रकम मौके से बरामद कर जब्त कर ली गई।
झारखंड, बिहार और बंगाल में छापेमारी
गिरफ्तारी के बाद CBI ने पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में आरोपियों के आवास और कार्यालयों पर एक साथ छापेमारी की। तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
कई वर्षों बाद पश्चिम बंगाल में पहला CBI ट्रैप केस
CBI ने कहा कि कई वर्षों के बाद पश्चिम बंगाल में रिश्वतखोरी से जुड़ा यह उसका पहला सफल ट्रैप केस है। एजेंसी ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल सभी आरोपियों को सक्षम अदालत में पेश किया जा रहा है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

















