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टांगीनाथ धाम की सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, याचिका को PIL में बदलने का निर्देश

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 जस्टिस आनंद सेन ने कहा- सार्वजनिक संपत्ति और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा मामला जनहित याचिका के रूप में सुना जाना चाहिए

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रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने गुमला जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल टांगीनाथ की सार्वजनिक संपत्ति और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण से जुड़ी याचिका को जनहित याचिका (PIL) में परिवर्तित करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति आनंद सेन की एकलपीठ ने 24 जून 2026 को पारित आदेश में कहा कि यदि याचिकाकर्ता सार्वजनिक संपत्ति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का मुद्दा उठा रहे हैं, तो इसकी सुनवाई जनहित याचिका के रूप में होनी चाहिए।

अभिनय कुमार सिंह द्वारा दायर  PIL में टांगीनाथ की सार्वजनिक संपत्ति एवं सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा के लिए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की गई है। याचिका में इस संबंध में कई मुद्दे उठाए गए हैं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन इस प्रकार के मुद्दे किसी व्यक्तिगत रिट याचिका के बजाय जनहित याचिका के रूप में उठाए जाने चाहिए। इसके बाद अदालत ने हाईकोर्ट कार्यालय को निर्देश दिया कि याचिका को W.P.(PIL) में परिवर्तित किया जाए और माननीय मुख्य न्यायाधीश की स्वीकृति प्राप्त करने के बाद इसे सुनवाई के लिए खंडपीठ (Division Bench) के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

इस आदेश के बाद अब यह मामला जनहित याचिका के रूप में आगे बढ़ेगा और इसकी सुनवाई हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच करेगी। फिलहाल अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है और केवल याचिका की प्रकृति को देखते हुए उसे PIL में परिवर्तित करने का निर्देश दिया है।

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Drishti Now Desk

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