JPSC-JSSC आंदोलन के बीच सरकार की पहल तेज, आंदोलन स्थल पहुंचे SDM-ADM; मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बोले- “छात्रों की बात, छात्रों के साथ”

रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती सुधार की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को अहम घटनाक्रम सामने आया। हेमंत सोरेन ने भी छात्रों को लेकर बड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार छात्रों और युवाओं की समस्याओं के ठोस एवं व्यावहारिक समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इधर राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों से मिलने एसडीएम कुमार रजत और एडीएम पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलन स्थल का निरीक्षण किया, छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों की जानकारी ली।

अधिकारियों ने आंदोलन स्थल पर स्वास्थ्य, सफाई, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद छात्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आंदोलन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। छात्र प्रतिनिधियों ने भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और लंबित मामलों के समाधान की मांग दोहराई।

एसडीएम कुमार रजत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार की ओर से अभी तक औपचारिक वार्ता को लेकर कोई निर्देश नहीं मिला है, लेकिन बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार से निर्देश मिलने के बाद वार्ता की तारीख, समय और स्थान तय किया जाएगा तथा आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।


इस दौरान आंदोलन के दौरान आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसडीएम ने बताया कि उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी भी ली।

इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के नाम संदेश जारी करते हुए कहा, “छात्रों की बात – छात्रों के साथ। मैंने पहले भी कहा है कि मैं और हमारी सरकार झारखंड सहित पूरे देश में छात्रों और युवाओं से जुड़ी समस्याओं के ठोस एवं व्यावहारिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों की ही नहीं, बल्कि राज्य के सभी जिलों में रहने वाले छात्र-छात्राओं की राय भी सरकार के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है। इसलिए सरकार सभी जिलों के छात्रों से सुझाव प्राप्त करेगी, ताकि समाधान व्यापक और समावेशी हो सके।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार जल्द ही राज्य और देशभर के छात्रों, शिक्षाविदों तथा नीति-निर्माताओं के सुझाव एकत्र करेगी। इन सुझावों के आधार पर समयबद्ध तरीके से आवश्यक सुधारों और सकारात्मक बदलावों की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
JPSC-JSSC भर्ती विवाद को लेकर छात्र पिछले कई दिनों से आंदोलनरत हैं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता तथा व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। ऐसे में एक ओर अधिकारियों का आंदोलन स्थल पर पहुंचकर छात्रों से संवाद करना और दूसरी ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का सभी छात्रों से सुझाव लेने तथा सुधार का भरोसा देना इस पूरे आंदोलन के बीच सरकार की ओर से संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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हालांकि, सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच औपचारिक वार्ता की तारीख, समय और स्थान को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है कि बातचीत कब शुरू होती है और क्या इससे लंबे समय से जारी JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के समाधान का रास्ता निकल पाता है।




















