बारिश में ढहा 200 साल पुराना मकान, मलबे से निकला 300 से ज्यादा चांदी के सिक्कों का ‘खजाना’; गांव में कौतूहल

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के टाटीझरिया प्रखंड स्थित अमनारी गांव में लगातार हो रही बारिश ने एक ऐसा राज उजागर कर दिया, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। बारिश के कारण लगभग 200 वर्ष पुराना एक कच्चा मिट्टी का मकान ढह गया। मलबा हटाने के दौरान दीवार के भीतर छिपा मिट्टी का कलश फूट गया और उसमें रखे 300 से अधिक प्राचीन चांदी के सिक्के चारों ओर बिखर गए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
मकान के मालिक बैजू महतो के पुत्र नंदकिशोर प्रसाद ने बताया कि यह उनके पूर्वजों की धरोहर है। उनके पिता की उम्र करीब 91 वर्ष है और यह मकान परिवार की चार पीढ़ियों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले भी इसी मकान की दीवार गिरने पर कुछ चांदी के सिक्के मिले थे, लेकिन इस बार बड़ी संख्या में सिक्के सामने आए हैं।


सबसे दिलचस्प बात यह है कि गांव में इन सिक्कों को लेकर एक पुरानी मान्यता भी प्रचलित है। परिवार का कहना है कि जो व्यक्ति इन सिक्कों को अपने घर ले जाता है, उसके साथ अनहोनी होती है। यही वजह है कि घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मलबे में पड़े एक भी सिक्के को किसी ग्रामीण ने नहीं छुआ।


घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन के वरीय अधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। परिवार के अनुसार कई लोगों ने फोन कर मामले की जानकारी ली और प्रशासन को भी यह बताया गया कि सिक्के मकान की दीवार के भीतर रखे मिट्टी के कलश से निकले हैं।

अब गांव में लोगों की निगाहें पुराने मकान के अन्य हिस्सों पर भी टिक गई हैं। ग्रामीणों के बीच इस बात की चर्चा है कि क्या दीवारों के भीतर अभी भी पूर्वजों की कोई और धरोहर छिपी हो सकती है। हालांकि प्रशासन की जांच के बाद ही इस रहस्य से पूरी तरह पर्दा उठ सकेगा।



















