JPSC-JSSC विवाद: हर स्टेकहोल्डर से बात करेगी प्रतिनिधिमंडल, सुझाव के लिए ई-मेल भी जारी; NUSI और रिफॉर्म मंच से हुई बातचीत

रांची: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने सभी संबंधित पक्षों से बातचीत के बनाई प्रतिनिधिमंडल समाधान निकालने की पहल तेज कर दी है। सरकार के का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं और परीक्षा प्रणाली से जुड़े हर स्टेकहोल्डर (हितधारक) से बातचीत की जाएगी और उनकी राय को सुना जाएगा।

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले में सभी हितधारकों के साथ बातचीत करने को तैयार है। सरकार का उद्देश्य अलग-अलग पक्षों की चिंताओं और सुझावों को समझकर परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार की दिशा में आगे बढ़ना है।

सुझाव देने के लिए ई-मेल आईडी जारी
सरकार की ओर से आम लोगों और संबंधित पक्षों से सुझाव लेने के लिए एक ई-मेल आईडी jpsc.jsssc.feedback@gmail.com भी जारी की गई है। इसके माध्यम से राज्य का कोई भी व्यक्ति, समूह JPSC-JSSC परीक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और सुधार से जुड़े अपने सुझाव सरकार तक भेज सकता है।

सरकार का मानना है कि व्यापक स्तर पर सुझाव मिलने से परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
NUSI और JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से भी बातचीत
इसी पहल के तहत शुक्रवार को सरकार की ओर से NUSI के नेताओं और JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की गई। बैठक में परीक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की विभिन्न मांगों को लेकर चर्चा हुई।

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार किसी एक पक्ष की बात सुनने के बजाय सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स से संवाद करना चाहती है। सरकार की कोशिश है कि बातचीत के माध्यम से विवाद का समाधान निकाला जाए और अभ्यर्थियों के हित में आवश्यक कदम उठाए जाएं।

छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार की पहल अहम
JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। ऐसे में सरकार द्वारा अलग-अलग संगठनों और हितधारकों से बातचीत की पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब देखना होगा कि सरकार और विभिन्न छात्र संगठनों के बीच जारी संवाद से क्या कोई ठोस समाधान निकलता है और अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से क्या फैसला लिया जाता है।





















