कोडरमा : तिलैया डैम से लापता दो नाबालिग धनबाद स्टेशन से बरामद, अपहरण की आशंका निकली गलत

कोडरमा: तिलैया डैम क्षेत्र स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले दो नाबालिग छात्र-छात्रा के अचानक लापता होने से इलाके में हड़कंप मच गया। परिजनों की शिकायत के बाद सक्रिय हुई कोडरमा पुलिस ने तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को मंगलवार देर रात धनबाद रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया।
प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों किसी बाहरी व्यक्ति के साथ नहीं गए थे, बल्कि अपनी मर्जी से घर से निकले थे। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला अपहरण का नहीं, बल्कि दोनों के घर से चले जाने का प्रतीत हो रहा है। नाबालिग होने के कारण पुलिस पूरे मामले की संवेदनशीलता के साथ जांच कर रही है।

सीसीटीवी और तकनीकी जांच से मिला सुराग
दोनों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद कोडरमा एसपी कुमार शिवाशीष के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने स्कूल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही शिक्षकों, सहपाठियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की गई।
पुलिस की तकनीकी टीम ने उपलब्ध जानकारी और नेटवर्क संबंधी जांच के आधार पर दोनों की लोकेशन का पता लगाया। जांच में उनके धनबाद की ओर जाने की जानकारी मिली, जिसके बाद रेलवे पुलिस के सहयोग से धनबाद स्टेशन पर कार्रवाई कर दोनों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

स्कूल से छुट्टी के बाद नहीं लौटे थे घर
परिजनों के मुताबिक, दोनों सोमवार को स्कूल गए थे। छुट्टी के बाद जब वे घर नहीं लौटे तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद भी जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।
लापता होने की खबर फैलते ही इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और अपहरण की आशंका को लेकर परिवार तथा स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई। हालांकि, पुलिस की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हुई और दोनों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
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पुलिस ने बरती गोपनीयता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों नाबालिग हैं, इसलिए उनकी पहचान और निजी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों घर से निकलने के बाद किन परिस्थितियों में धनबाद पहुंचे और इस दौरान उनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।
अधिकारियों के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद अभिभावकों में बढ़ी चिंता
इस घटना ने अभिभावकों को बच्चों के साथ नियमित संवाद और उनकी गतिविधियों को समझने की जरूरत को लेकर भी सोचने पर मजबूर किया है। किशोरावस्था में बच्चे कई बार भावनात्मक फैसले ले सकते हैं। ऐसे में परिवार और स्कूल के स्तर पर बच्चों के साथ भरोसे और संवाद का माहौल बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल दोनों नाबालिग सुरक्षित हैं और पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है। समय रहते हुई पुलिस कार्रवाई से परिवारों ने राहत की सांस ली है।
















