14 दिन की पूछताछ के बाद इनामी नक्सली मिसिर बेसरा समेत तीन जेल भेजे गए

धनबाद। भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य और 2.20 करोड़ रुपये के कुल इनामी नक्सली मिसिर बेसरा उर्फ सागर समेत तीन हार्डकोर नक्सलियों को 14 दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद बुधवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अदालत में पेश करने से पहले तीनों का सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराया गया। इस दौरान अस्पताल और अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
पुलिस के अनुसार, मिसिर बेसरा पर झारखंड, बिहार और ओडिशा में सुरक्षा बलों पर हमले और हत्याओं से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की वांटेड सूची में शामिल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2001 में तोपचांची थाना क्षेत्र में हुए एक बड़े नक्सली हमले में भी उसे मुख्य साजिशकर्ताओं में माना जाता है। इस हमले में JAP के 13 जवानों की मौत हुई थी और हथियार लूटे गए थे।

तीनों पर था करोड़ों का इनाम
मिसिर बेसरा पर झारखंड, बिहार और ओडिशा में कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। उसके साथ गिरफ्तार किए गए अन्य दो नक्सलियों में 15 लाख रुपये का इनामी मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभीषण तथा गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ शामिल हैं।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, तीनों लंबे समय से माओवादी संगठन की गतिविधियों से जुड़े हुए थे। इनके खिलाफ अलग-अलग क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों से संबंधित मामले दर्ज हैं।

NIA, IB और झारखंड पुलिस ने की पूछताछ
31 जुलाई को रिमांड मिलने के बाद तीनों को रांची ले जाया गया था। वहां राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीमों ने उनसे पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान माओवादी संगठन की गतिविधियों, आर्थिक स्रोतों, हथियारों की सप्लाई और संगठन से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की गई। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ से नक्सली नेटवर्क से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनकी आगे जांच की जा रही है।
अस्पताल और कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा
तीनों को मेडिकल जांच और अदालत में पेशी के दौरान भारी सुरक्षा के बीच रखा गया। सदर अस्पताल और न्यायालय परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती।
धनबाद एसएसपी के अनुसार, रिमांड अवधि पूरी होने के बाद तीनों को मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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