Major revelation in CAG report on railway station amenities: 89% of stations fall short of standards.

रेलवे स्टेशनों की सुविधाओं पर CAG की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, 89% स्टेशनों पर मानकों की कमी

Major revelation in CAG report on railway station amenities: 89% of stations fall short of standards.
Major revelation in CAG report on railway station amenities: 89% of stations fall short of standards.

नई दिल्ली: देशभर के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में गंभीर खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के लिए चुने गए 512 रेलवे स्टेशनों में से 458 स्टेशन यानी करीब 89 फीसदी स्टेशन निर्धारित मानकों के अनुरूप जरूरी यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने में पीछे पाए गए।।CAG की जांच में सामने आया कि कई स्टेशनों पर यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं या तो उपलब्ध नहीं थीं या उनकी संख्या यात्रियों की जरूरत के मुकाबले कम थी।

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Pariman nathwani
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कई स्टेशनों के पीने के पानी में मिला E. coli

रेलवे स्टेशनों पर पेयजल की गुणवत्ता को लेकर भी रिपोर्ट में चिंता जताई गई है। जांच के दौरान कोयंबटूर और पालक्कड़ जंक्शन के वॉटर कूलर के पानी में E. coli बैक्टीरिया पाया गया।।इसके अलावा हैदराबाद स्टेशन, मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), भिवंडी रोड, कल्याण, लोनावला और मधुपुर स्टेशन के वॉटर कूलर के पानी के नमूनों में भी E. coli की मौजूदगी सामने आई।।रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि छह रेलवे जोन के 59 स्टेशनों पर पीने के पानी की बैक्टीरियोलॉजिकल जांच तक नहीं कराई गई।

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प्लेटफॉर्म के नलों के पानी में भी मिली गड़बड़ी

CAG के अनुसार, वर्ष 2022-23 में आठ रेलवे जोन के 49 स्टेशनों और 2023-24 में नौ जोन के 56 स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर लगे नलों के पानी में टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें E. coli जैसे बैक्टीरिया की मौजूदगी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

शौचालय से लेकर पानी के नलों तक की कमी

ऑडिट में यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली बुनियादी सुविधाओं में भी बड़ी कमी सामने आई है। जांच के दौरान 201 स्टेशनों पर शौचालय, 403 स्टेशनों पर यूरिनल और 2,035 स्टेशनों पर पानी के नलों की कमी पाई गई।

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इतना ही नहीं, देश के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी यात्रियों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाएं पूरी तरह मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं। इनमें छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, हावड़ा, सियालदह, नई दिल्ली और मुंबई सेंट्रल जैसे बड़े स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर बैठने की व्यवस्था, शौचालय, डस्टबिन और इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन इंडिकेटर जैसी सुविधाओं में कमियां दर्ज की गईं।

करोड़ों यात्री करते हैं इन स्टेशनों का इस्तेमाल

रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रेलवे में NSG श्रेणी के कुल 5,908 स्टेशन हैं। वर्ष 2023-24 के दौरान इन स्टेशनों से प्रतिदिन 7,424 से अधिक नॉन-सबअर्बन ट्रेनें संचालित हुईं। इसी अवधि में करीब 292.4 करोड़ यात्रियों ने इन ट्रेनों से यात्रा की।।ऐसे में स्टेशनों पर स्वच्छ पानी, शौचालय, बैठने की जगह और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

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रेलवे को व्यवस्था सुधारने की सलाह

रेलवे बोर्ड ने अप्रैल 2018 में सभी रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इनमें पीने का पानी, वेटिंग हॉल, बैठने की व्यवस्था, प्लेटफॉर्म शेल्टर, शौचालय, पंखे, फुट ओवरब्रिज और डस्टबिन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

CAG ने रेलवे को पेयजल व्यवस्था की नियमित निगरानी करने और पानी की गुणवत्ता की निर्धारित मानकों के अनुसार समय-समय पर जांच सुनिश्चित करने की सलाह दी है। रिपोर्ट के निष्कर्षों से साफ है कि यात्रियों की संख्या और रेलवे नेटवर्क के विस्तार के साथ स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार करना अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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