Service alone will restore India to the pinnacle of 'Vishwaguru': Dr. Pradeep Verma

सेवा ही भारत को पुनः ‘विश्वगुरु’ के शिखर पर स्थापित करेगी: डॉ. प्रदीप वर्मा

Service alone will restore India to the pinnacle of 'Vishwaguru': Dr. Pradeep Verma
Service alone will restore India to the pinnacle of ‘Vishwaguru’: Dr. Pradeep Verma

रांची: पीपी कंपाउंड, मेन रोड स्थित गुरु नानक हायर सेकेंडरी स्कूल के सभागार में रविवार को सेवा भारती, झारखंड के तत्वावधान में ‘सेवा सुरभि’ पत्रिका के 27वें वार्षिक विशेषांक ‘विश्वगुरु भारत’ का गरिमामय लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय विश्वविद्यालय, रांची के कार्यकारी कुलपति सारंग मेधेकर ने की। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा समेत मंचासीन अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर पत्रिका का अनावरण किया।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

मुख्य उद्बोधन में डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा कि “भारत विश्वगुरु था, विश्वगुरु है और सदैव विश्वगुरु रहेगा।” उन्होंने कहा कि सेवा भारती समाज में सेवा का भाव जागृत करते हुए निरंतर सेवा कार्य कर रही है। कोविड जैसी महामारी और विभिन्न वैश्विक संकटों के दौरान भारत ने पूरी दुनिया की सहायता की, जो उसकी विश्वगुरु की भूमिका को प्रमाणित करता है। उन्होंने कहा कि सेवा की भावना ही भारत को पुनः विश्वगुरु के शिखर पर स्थापित करेगी।

RKDF
advertisement

कार्यक्रम की शुरुआत पम्पा सेन विश्वास एवं 25 सदस्यों द्वारा प्रस्तुत सामूहिक ‘वंदे मातरम’ से हुई। इसके बाद बच्चों ने ‘शिव स्तुति’ पर मनमोहक भाव नृत्य प्रस्तुत किया। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर की अर्चना कुमारी और ऋतिका ने सुमधुर एकल गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम में सेवा भारती के न्यासी चंद्रकांत रायपत ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया। प्रांतीय उपाध्यक्ष अखिलेश्वर नाथ मिश्र ने विषय प्रवेश कराते हुए संस्था के सेवा कार्यों की जानकारी दी। संत जेवियर कॉलेज के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कमल बोस ने ‘सेवा सुरभि’ के विशेषांक का साहित्यिक परिचय प्रस्तुत किया।

Kashmir
advertisement

अध्यक्षीय संबोधन में सारंग मेधेकर ने कहा कि सेवा भारती हर भारतीय के मन में राष्ट्र के प्रति समर्पण और सांस्कृतिक चेतना जगाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केवल ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानवीय, नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों को जागृत करना भी जरूरी है। इन्हीं मूल्यों और सेवा भाव के माध्यम से भारत पुनः विश्वगुरु बन सकता है।

समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने पत्रिका की संपादक डॉ. सुष्मिता पाण्डेय तथा बाल कलाकारों को सम्मानित किया। डॉ. एचपी नारायण ने अपने आशीर्वचन में लोगों से सेवा कार्यों से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन अनुपमा सिन्हा ने किया, जबकि सेवा भारती के प्रांतीय अध्यक्ष गिरीश मल्होत्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now