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सीट आवंटन का वीडियो बनाने पर छात्रा को कथित धमकी, बोली- ‘रिकॉर्डिंग मिटाओ, नहीं तो परिसर से नहीं निकल पाओगी’

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जमशेदपुर। जेसीईसीईबी की काउंसलिंग में बीएससी नर्सिंग की सीट आवंटित होने के बाद नामांकन के लिए नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय पहुंची गिरिडीह की छात्रा ने विश्वविद्यालय परिसर में कथित तौर पर धमकी देने और मोबाइल फोन से रिकॉर्डिंग डिलीट करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। छात्रा शालिनी कुमारी ने मामले की शिकायत पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से की है। उसने अपनी आवंटित सीट पर नामांकन कराने के साथ पूरे मामले की जांच की मांग की है।

काउंसलिंग में सीट मिली, विश्वविद्यालय पहुंचने पर नामांकन से इनकार का आरोप

छात्रा के अनुसार, जेसीईसीईबी की काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत उसे नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में बीएससी नर्सिंग की सीट आवंटित की गई थी। सीट आवंटन के बाद वह जरूरी दस्तावेज लेकर नामांकन कराने विश्वविद्यालय पहुंची। छात्रा का आरोप है कि वहां उसे बताया गया कि बीएससी नर्सिंग में सीट उपलब्ध नहीं है और उसका नामांकन नहीं हो सकता। शालिनी ने इस पर सवाल उठाया कि यदि विश्वविद्यालय में सीट उपलब्ध नहीं थी तो जेसीईसीईबी की काउंसलिंग प्रक्रिया में उसके नाम पर सीट आवंटित कैसे की गई।

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प्रक्रिया की मोबाइल से रिकॉर्डिंग करने पर बढ़ा विवाद

छात्रा का कहना है कि नामांकन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर उसने विश्वविद्यालय में चल रही बातचीत और प्रक्रिया को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करना शुरू किया। उसका आरोप है कि रिकॉर्डिंग की जानकारी होने के बाद विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ लोग उसके पास पहुंचे और उसे एक कमरे में ले गए। शिकायत में छात्रा ने आरोप लगाया है कि वहां उससे मोबाइल फोन देने और रिकॉर्ड की गई वीडियो डिलीट करने के लिए दबाव बनाया गया। छात्रा का दावा है कि मोबाइल में मौजूद अन्य डाटा को हटाने के लिए भी उस पर दबाव बनाया गया।

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‘रिकॉर्डिंग नहीं मिटाई तो परिसर से नहीं निकल पाओगी’

छात्रा के मुताबिक, जब उसने रिकॉर्डिंग डिलीट करने और मोबाइल देने से इनकार किया तो उसे कथित तौर पर धमकी दी गई कि यदि उसने रिकॉर्डिंग नहीं मिटाई तो वह परिसर से बाहर नहीं निकल पाएगी। शालिनी का कहना है कि उसे डर था कि रिकॉर्डिंग डिलीट होने के बाद नामांकन को लेकर हुए विवाद और उसके साथ कथित व्यवहार का कोई रिकॉर्ड नहीं बचेगा। इसलिए उसने मोबाइल देने से इनकार कर दिया। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय से निकलने के बाद जब वह मामले की शिकायत अधिकारियों से करने जा रही थी, तब विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ लोग उसके पीछे आए और उसे डराने का प्रयास किया।

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डीसी से की जांच और नामांकन की मांग

छात्रा ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में उसने जेसीईसीईबी की ओर से किए गए सीट आवंटन, विश्वविद्यालय में बीएससी नर्सिंग की उपलब्ध सीटों और नामांकन प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। छात्रा ने अपनी आवंटित सीट पर नामांकन कराने की भी मांग की है। उसका कहना है कि यदि समय पर नामांकन नहीं हुआ तो उसका शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।

विश्वविद्यालय का पक्ष सामने आना बाकी

मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों पर विश्वविद्यालय की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी थी।

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अश्वनी पाठक

अश्वनी पाठक

रिपोर्टर

अश्वनी पाठक जमशेदपुर निवासी हैं और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने न्यूज मीडिया किरण के माध्यम से पत्रकारिता की शुरुआत की। वाणिज्य में ऑनर्स (बी.कॉम) की शिक्षा पूरी करने के बाद वर्तमान में एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ वे कानून की शिक्षा भी प्राप्त कर रहे हैं।