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मामा के खिलाफ साजिश रचने वाला भांजा खुद पहुंचा जेल, करोड़ों की जमीन के विवाद में CO को भेजी थी 1 करोड़ की रंगदारी की धमकी

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धनबाद: जमीन विवाद में अपने ही मामा को फंसाने के लिए एक भांजे ने ऐसी साजिश रची कि आखिरकार वह खुद पुलिस के शिकंजे में पहुंच गया। आरोप है कि पांडरपाला दास टोला निवासी पंकज कुमार दास ने अपने सहयोगी की मदद से मामा के नाम पर फर्जी सिम हासिल किया और उसी नंबर से धनबाद सदर अंचल अधिकारी (CO) रामप्रवेश कुमार को व्हाट्सऐप और मोबाइल के जरिए एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाला धमकी भरा संदेश भेजा।धमकी में रकम नहीं देने पर हत्या करने की बात कही गई थी। पुलिस जांच में मामला सामने आने के बाद आरोपी पंकज कुमार दास को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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जमीन विवाद में रची गई साजिश

पुलिस जांच के मुताबिक पंकज कुमार दास का अपने मामा राजू दास के साथ जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते उसने मामा को रंगदारी के मामले में फंसाने की योजना बनाई।बताया गया कि 24 सितंबर की शाम धनबाद सदर CO रामप्रवेश कुमार के मोबाइल और व्हाट्सऐप पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी से संबंधित धमकी भेजी गई। रकम जमा करने के लिए SBI की राजगंज शाखा के एक बैंक खाते की जानकारी भी भेजी गई। यह खाता कथित तौर पर आरोपी के मामा से जुड़ा बताया गया।

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CO को धमकी के बाद मचा हड़कंप

एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को एक करोड़ रुपये की रंगदारी और हत्या की धमकी मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया। CO रामप्रवेश कुमार ने धनबाद थाना में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल नंबर, सिम कार्ड, व्हाट्सऐप गतिविधियों और बैंक खाते से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कथित साजिश की कड़ियां पंकज कुमार दास तक पहुंचती मिलीं। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

फर्जी सिम और अधिवक्ता से जुड़ा कनेक्शन

जांच में यह भी सामने आया कि धमकी भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड का कनेक्शन एक अधिवक्ता से जुड़ा था। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि सिम कार्ड वास्तविक रूप से किसने इस्तेमाल किया और इसे हासिल करने में किन लोगों की भूमिका थी।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पूरी साजिश में पंकज के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

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पूछताछ में पंकज ने क्या बताया?

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पंकज ने पुलिस को बताया कि वह जाति प्रमाण पत्र बनवाने के सिलसिले में CO कार्यालय गया था, लेकिन उसका काम नहीं हुआ। उसने यह भी दावा किया कि जमीन के एवज में उसे अपने मामा से करीब 90 लाख रुपये मिलने थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बदला लेने के इरादे से अपने मामा को फंसाने के लिए रंगदारी की धमकी वाला पूरा मामला तैयार किया। हालांकि, आरोपी के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि की जा रही है। पुलिस अब मामले में मोबाइल नंबर, व्हाट्सऐप संदेश, सिम कार्ड और बैंक खाते से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक एवं वित्तीय साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि रंगदारी की रकम के लिए जिस खाते का इस्तेमाल किया गया, उससे आरोपी या अन्य संदिग्धों का क्या संबंध है।फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि साजिश में कितने लोग शामिल थे और जमीन विवाद की पूरी पृष्ठभूमि क्या है।

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गोविंद मोदक

गोविंद मोदक

रिपोर्टर

पत्रकार | न्यूज़ रिपोर्टर | मीडिया प्रोफेशनल गोविंद मोदक धनबाद, झारखंड के पत्रकार हैं और उन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने अपराध, राजनीति, सामाजिक एवं नागरिक मुद्दों, जनसरोकार और जमीनी स्थानीय खबरों पर रिपोर्टिंग की है। उन्होंने Newz India 24, TV45 Satellite Channel, DHN24, Vande Bharat News, Chanakya News India Jharkhand और Bharatmitra News जैसे मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ कार्य किया है। उनकी पत्रकारिता तथ्यपरक, जिम्मेदार और जमीनी रिपोर्टिंग पर केंद्रित है, जिसमें आम लोगों के मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाना शामिल है। मुख्य विशेषज्ञता: अपराध एवं राजनीतिक रिपोर्टिंग • जमीनी पत्रकारिता • सामाजिक एवं नागरिक मुद्दे • जनसरोकार • प्रभावी संवाद एवं नेटवर्किंग