पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग पर झारखंड में बैंककर्मी हड़ताल पर, बैंकिंग सेवाओं पर व्यापक असर
UFBU के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल; 28 से 30 सितंबर फिर हड़ताल, 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
रांची। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को झारखंड समेत देशभर के बैंककर्मी एकदिवसीय हड़ताल पर हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर झारखंड के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में कामकाज प्रभावित हुआ है। कई जगह शाखाओं में बैंकिंग सेवाएं बाधित रहीं, जिससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बैंक यूनियनों के अनुसार, हड़ताल का प्रमुख मुद्दा सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है। यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते के दौरान इस दिशा में सहमति बनने के बावजूद पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था अब तक लागू नहीं की गई है।
इसके अलावा संशोधित Performance Linked Incentive (PLI) व्यवस्था को लेकर भी बैंक यूनियनों में विरोध है। पेंशन और बैंक कर्मचारियों से जुड़े अन्य लंबित मुद्दों को भी आंदोलन में शामिल किया गया है।

झारखंड में करोड़ों के कारोबार पर असर का अनुमान
झारखंड में शुक्रवार की हड़ताल से कुल कितने करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ, इसका फिलहाल कोई सत्यापित आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं हुआ है। हड़ताल समाप्त होने के बाद बैंक यूनियनों या राज्यस्तरीय बैंक समन्वय संगठनों की ओर से शाखागत लेन-देन और क्लियरिंग के आधार पर आंकड़े जारी किए जा सकते हैं।
राज्य के औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्रों रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और रामगढ़ समेत अन्य जिलों में बैंक शाखाओं के कामकाज पर इसका असर पड़ा। नकद जमा-निकासी, चेक क्लियरिंग, ड्राफ्ट, KYC, ऋण संबंधी कार्य और अन्य शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित रहीं।
हालांकि ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है। इन सेवाओं का संचालन बैंक शाखाओं की हड़ताल से सीधे तौर पर प्रभावित नहीं होता।
सितंबर में फिर तीन दिन बैंक हड़ताल
बैंक यूनियनों ने मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। शुक्रवार की एकदिवसीय हड़ताल के बाद 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को लगातार तीन दिनों की देशव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है।
इसके बाद भी यदि मांगों पर समाधान नहीं निकलता है तो बैंक यूनियनों ने 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
ऐसे में अगर सरकार और बैंक प्रबंधन के साथ पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, PLI और अन्य लंबित मुद्दों पर सहमति नहीं बनती है, तो सितंबर के अंत और अक्टूबर में झारखंड समेत पूरे देश में बैंकिंग सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित हो सकती हैं।
क्या है पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग?
बैंक यूनियनों की मांग है कि बैंकों में सप्ताह में केवल पांच दिन कामकाज हो और शनिवार-रविवार साप्ताहिक अवकाश रहे। वर्तमान व्यवस्था में अधिकांश बैंकों में दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है, जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को बैंक खुले रहते हैं।


















