बोकारो: कोनार डैम में डूब रहे हिरण के लिए ‘मसीहा’ बने मछुआरे, रेस्क्यू कर वन विभाग को सौंपा
बोकारो: कोनार डैम में डूब रहे हिरण के लिए ‘मसीहा’ बने मछुआरे, रेस्क्यू कर वन विभाग को सौंपा
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नम्रता सिन्हा
बोकारो/गोमिया: झारखंड के बोकारो जिले स्थित गोमिया के कोनार डैम में गुरुवार सुबह एक दिल जीत लेने वाली तस्वीर सामने आई। यहाँ अपनी जीविका के लिए जाल फेंकने वाले मछुआरों ने एक बेजुबान की जान बचाने के लिए अपनी फुर्ती दिखाई। डैम के बीचों-बीच डूब रहे एक हिरण को सुरक्षित बाहर निकालकर मछुआरों ने मानवता की मिसाल पेश की है।
ऐसे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
रोजाना की तरह मछुआरे सुबह डैम में मछली पकड़ने निकले थे, तभी अचानक पानी के बीचों-बीच तेज हलचल दिखाई दी। किसी अनहोनी की आशंका में मछुआरे अपनी नाव लेकर मौके पर पहुंचे, तो देखा कि एक हिरण पानी में संघर्ष कर रहा है। काफी देर तक तैरने के कारण हिरण पूरी तरह थक चुका था और डूबने ही वाला था। मछुआरों ने सूझबूझ से उसे बोट पर चढ़ाया और सुरक्षित किनारे लेकर आए।
वन विभाग की टीम ने लिया संरक्षण में
किनारे पर लाने के बाद मछुआरों ने हिरण की प्राथमिक सेवा की और तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने हिरण को अपने संरक्षण में ले लिया है। अधिकारियों के अनुसार, हिरण का मेडिकल चेकअप किया जा रहा है और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया जाएगा।
जंगल से भटककर आने की आशंका
स्थानीय लोगों के अनुसार, कोनार डैम का इलाका घने जंगलों से सटा हुआ है। भीषण गर्मी या पानी की तलाश में अक्सर वन्यजीव डैम के किनारे आते हैं। अंदेशा जताया जा रहा है कि पानी पीने के दौरान पैर फिसलने से हिरण गहरे पानी में चला गया होगा।
















