जमशेदपुर पुलिस ने चार साइबर अपराधी को किया गिरफ्तार तो रांची में ‘सेना के अफसर’ बनकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड

नीरज तिवारी / अभिनव सिंह
जमशेदपुर: जमशेदपुर पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मानगो के जवाहरनगर रोड नंबर-4 स्थित एक किराए के मकान से पिछले दो वर्षों से संगठित तरीके से देश भर के लोगों को अपना शिकार बना रहे थे।
गिरफ्तार आरोपी: पुलिस ने संजय कुमार सिंह, राहुल कुमार रवानी, सुनील कुमार झा और राहुल कुमार ठाकुर को धर दबोचा। ये सभी जामताड़ा, देवघर और सरायकेला-खरसावां जिले के रहने वाले हैं।
कैसे पकड़े गए: उड़ीसा निवासी भगवती मोहंती द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने एनसीआरपी (NCRP) प्रतिबिंब पोर्टल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से इनकी सटीक लोकेशन ट्रेस की और छापेमारी कर इन्हें गिरफ्तार किया।
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि आरोपियों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
वहीं रांची में फ्लैट किराये पर देने का विज्ञापन देना पड़ा महंगा, डॉक्टर से 2.99 लाख रुपये की साइबर ठगी
रांची में साइबर अपराधियों ने एक डॉक्टर को अपना निशाना बनाया है। डॉक्टर हुमायूं अहमद ने अपना फ्लैट किराये पर देने के लिए ऑनलाइन विज्ञापन दिया था, जिसके बाद ठगों ने उन्हें झांसे में लेकर लाखों रुपये उड़ा लिए।
ठगी का तरीका: आशीष कुमार पहाड़ी’ नाम के व्यक्ति ने खुद को सेना का अधिकारी बताकर डॉक्टर का विश्वास जीता। उसने अपने नाम का आधार, पैन और सेना का फर्जी पहचान पत्र डॉक्टर के वाट्सएप पर भेजा।
कैसे खाली हुआ खाता: आरोपी ने किराये के अग्रिम भुगतान के नाम पर डॉक्टर और उनकी पत्नी का [Aadhaar Redacted] मांगा। इसके बाद एक फर्जी बैंक एप्लिकेशन डाउनलोड करवाकर उनके खाते से 2.99 लाख रुपये निकाल लिए।
अपराधियों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए 9232766139, 8769677293, 8375075847 और 7357940260 फोन नंबरों का इस्तेमाल किया था। ठगी के बाद अपराधी माफी मांगने का नाटक भी करते रहे।
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