झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो लापता युवती मामले में सख्ती दिखाई, कंकाल का DNA टेस्ट CFSL कोलकाता में कराने का आदेश
झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो लापता युवती मामले में सख्ती दिखाई, कंकाल का DNA टेस्ट CFSL कोलकाता में कराने का आदेश

रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो की 18 वर्षीय लापता युवती पुष्पा महतो हत्याकांड की जांच में पुलिस की लापरवाही पर बुधवार को सख्त रुख अपनाया। आज सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य के डीजीपी, बोकारो के आईजी, डीआईजी, एसपी, एसआईटी टीम और एफएसएल निदेशक को स्वयं उपस्थित रहने के लिए कहा था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिया कि अब जांच में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्देश
हाईकोर्ट ने मामले में अहम कदम उठाते हुए बरामद कंकाल की पहचान के लिए DNA परीक्षण केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL), कोलकाता में कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आगे निर्देश दिया कि:कंकाल का पोस्टमार्टम रिम्स (RIMS), रांची में कराया जाए। 48 घंटे के अंदर नामकुम मिलिट्री हॉस्पिटल में माता-पिता और बरामद कंकाल के सैंपल लिए जाएं। सैंपल तय समयसीमा के भीतर CFSL कोलकाता भेजे जाएं।
मामले की पृष्ठभूमि
पुष्पा महतो जुलाई 2025 से बोकारो जिले के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र से लापता थी। परिवार की शिकायत के बावजूद पुलिस ने शुरुआत में लापरवाही बरती और FIR दर्ज करने में देरी की। इसके बाद पुष्पा की मां ने हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की, जिसके बाद मामले की जांच तेज हुई।आरोपी दिनेश महतो (पुष्पा का प्रेमी) ने पुलिस को दी गई confessional statement में बताया कि लापता होने के उसी दिन उसकी हत्या कर दी गई थी। आरोपी की निशानदेही पर जंगल से कंकाल, कपड़े, बाल और हथियार बरामद किए गए थे। मामले में अब तक 28 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है।परिवार अभी भी बरामद कंकाल की पहचान पर संदेह जता रहा है। मां का कहना है कि बिना DNA रिपोर्ट के उन्हें यह स्वीकार नहीं है कि बरामद कंकाल उनकी बेटी का है।
कोर्ट की नाराजगी
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जांच एजेंसियों की धीमी गति और DNA सैंपलिंग में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अब कोई भी कोताही या लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।DNA रिपोर्ट आने के बाद मामले की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
















