बोकारो: पुष्पा महतो कथित हत्याकांड में DNA टेस्ट से खुलेगा सच पुष्पा मिसिंग है या उसकी डेथ हुई .. माता-पिता के ब्लड सैंपल लिए गए
बोकारो: पुष्पा महतो कथित हत्याकांड में DNA टेस्ट से खुलेगा सच पुष्पा मिसिंग है या उसकी डेथ हुई .. माता-पिता के ब्लड सैंपल लिए गए
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बोकारो: 8 महीने से लापता पुष्पा महतो की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अब वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा ले रही है। बरामद नरकंकाल की शिनाख्त पुख्ता करने के लिए पुलिस ने मृतिका के माता-पिता के ब्लड सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों को रांची स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा जाएगा, जहाँ नरकंकाल की हड्डियों के साथ इनका DNA मिलान किया जाएगा।
हाई कोर्ट की सख्ती के बाद हरकत में आई पुलिस
बताते चलें कि पिंडराजोड़ा थाना क्षेत्र की पुष्पा महतो के लापता होने के बाद जब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो पीड़ित मां ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने इस मामले में झारखंड के डीजीपी को तलब करते हुए सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद बोकारो एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी सहित पूरे थाने के 28 पुलिसकर्मियों को हटा दिया और चास डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में नई SIT का गठन किया।
प्रेमी ने ही की थी हत्या, जंगल से मिले थे 19 टुकड़े
SIT ने जांच की कमान संभालते ही महज कुछ घंटों में आरोपी प्रेमी दिनेश महतो को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने चास कॉलेज के पीछे मधुडीह के जंगल में चाकू से गोदकर पुष्पा की हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से पुष्पा का नरकंकाल (जो 19 टुकड़ियों में था), उसके कपड़े और आरोपी का मोबाइल बरामद किया।
DNA टेस्ट क्यों है अहम?
इस मामले में पुलिस अब कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। हालांकि पुलिस ने साक्ष्य जुटा लिए हैं, लेकिन वैज्ञानिक पुष्टि के लिए DNA टेस्ट अनिवार्य है।
परिजनों का संदेह: पुष्पा के परिजन अभी भी यह मानने को तैयार नहीं हैं कि बरामद कंकाल पुष्पा का ही है।
कानूनी साक्ष्य: अदालत में आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए यह साबित करना जरूरी है कि बरामद अवशेष मृतिका के ही हैं।
सिविल सर्जन का बयान
बोकारो के सिविल सर्जन डॉक्टर अभय भूषण प्रसाद ने बताया कि सदर अस्पताल में माता-पिता के सैंपल ले लिए गए हैं। इन सैंपलों को सील कर जांच के लिए रांची भेजा जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द रिपोर्ट प्राप्त कर मामले की कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।














