High-level committee formed to investigate 'unusual changes' in population

जनसंख्या में ‘असामान्य बदलाव’ की जांच के लिए गठित हुई उच्च-स्तरीय समिति, जानें क्या है पूरा मामला

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High-level committee formed to investigate 'unusual changes' in population

डेस्क : देश में जनसंख्या के बदलते स्वरूप और इसके पीछे के कारणों की गहराई से जांच करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज प्रकाश प्रभाकर नावलेकर की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है।

समिति का मुख्य उद्देश्य और कार्य

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, यह समिति निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित होगी:

अवैध घुसपैठ की जांच: देश भर में अवैध घुसपैठ के कारण जनसंख्या में आ रहे असामान्य बदलावों का आकलन करना।

पैटर्न का अध्ययन:धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर हो रहे जनसंख्या के असामान्य बदलावों के पैटर्न की स्टडी करना।

समाधान की तलाश: उन कारणों की पहचान करना जो देश के वर्तमान और भविष्य के लिए चुनौती बन सकते हैं और उनका ठोस समाधान सुझाना।

समिति की समय-सीमा

रिपोर्ट का समय: समिति को अपनी रिपोर्ट एक साल के भीतर देनी होगी।

कार्यकाल विस्तार: आवश्यकता पड़ने पर गृह मंत्रालय इसका कार्यकाल 6 महीनेऔर बढ़ा सकता है।

समिति में शामिल सदस्य

यह समिति पांच विशेषज्ञों से मिलकर बनी है:

1. न्यायमूर्ति पीपी नावलेकर (सेवानिवृत्त):अध्यक्ष

2. मृत्युंजय कुमार नारायण:पूर्व जनगणना आयुक्त

3. दुर्गा शंकर मिश्रा: सदस्य

4. बालाजी श्रीवास्तव:सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी

5. डॉ. शमिका रवि: सदस्य

संताल परगना का डेमोग्राफी डेटा: चिंता की बात?

झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने संताल परगना क्षेत्र में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कुछ आंकड़े साझा किए हैं:

संताल परगना (1951 vs 2011)

समुदाय | 1951 का आंकड़ा | 2011 का आंकड़ा | बदलाव |

आदिवासी (ST) | 44.67% 28.11% 6.56% |
मुस्लिम। 9.44% 22.73% +13.29% |

साहिबगंज और पाकुड़ जिलों की स्थिति (2001 vs 2011)

साहिबगंज: आदिवासी आबादी 29% से गिरकर 26.8% पर आ गई, जबकि मुस्लिम आबादी 28% से बढ़कर 34.61% हो गई।

पाकुड़:आदिवासी आबादी 46.64% से घटकर 42.1% रह गई, वहीं मुस्लिम आबादी 32.74% से बढ़कर 35.87% हो गई।

जाहिर है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते साल 15 अगस्त को एक ‘उच्च स्तरीय डेमोग्राफी मिशन’ के गठन की घोषणा की थी। यह समिति उसी मिशन की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम मानी जा रही है।

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