High court jharkhand

हजारीबाग नाबालिग दुष्कर्म हत्या: हाईकोर्ट ने DGP-गृह सचिव को नोटिस, जांच में देरी पर नाराजगी

हजारीबाग नाबालिग दुष्कर्म हत्या: हाईकोर्ट ने DGP-गृह सचिव को नोटिस, जांच में देरी पर नाराजगी

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हजारीबाग नाबालिग दुष्कर्म हत्या: हाईकोर्ट ने DGP-गृह सचिव को नोटिस, जांच में देरी पर नाराजगी

झारखंड हाईकोर्ट ने हजारीबाग विष्णुगढ़ नाबालिग बलात्कार-हत्या मामले में स्वतः संज्ञान लिया। DGP, गृह सचिव और एसपी को नोटिस, SIT गठित। जानिए पूरी खबर और अपडेट।

रांची/हजारीबाग,  : झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ (बिष्णुगढ़) में 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ रामनवमी के दिन हुए जघन्य दुष्कर्म और हत्या के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और हजारीबाग एसपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।कोर्ट ने इस घटना को “मानवता को शर्मसार करने वाला कुकृत्य” बताया और पुलिस जांच में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई। जब एसपी ने रामनवमी जुलूस का हवाला दिया, तो अदालत ने साफ कहा कि जांच करना पुलिस का दायित्व है, इसके लिए कोर्ट से अनुमति की जरूरत नहीं है।

घटना का विवरण

रामनवमी के मौके पर घर से मंगला जुलूस देखने निकली 12 साल की क्लास 6 की छात्रा लापता हो गई। बाद में उसके शव को गांव के पास बेहद बेरहमी से क्षत-विक्षत हालत में मिला। परिवार का आरोप है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या की गई। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट में क्रूरता के कई सबूत सामने आए हैं।

पुलिस की कार्रवाई

इस मामले में DGP तदाशा मिश्रा ने  तीन सदस्यीय SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) गठित किया है। टीम को जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL रांची) और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि, अब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे स्थानीय स्तर पर आक्रोश बढ़ गया है।

हाईकोर्ट का सख्त संदेश

हाईकोर्ट ने मामले को जनहित याचिका मानते हुए चीफ जस्टिस की बेंच को रेफर कर दिया है। अदालत ने राज्य सरकार से एक सप्ताह के अंदर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, जिसमें जांच की प्रगति, देरी का कारण और पीड़ित परिवार को सुरक्षा शामिल है।

अन्य प्रतिक्रियाएंराष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी स्वतः संज्ञान लिया और DGP से 5 दिनों में एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है।
बीजेपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर हजारीबाग बंद का आह्वान किया था जिसे स्थानीय लोगों का व्यापक समर्थन मिला। मशाल जुलूस और विरोध प्रदर्शन हुए।

राज्य सरकार की ओर से वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मदद की घोषणा की।

यह मामला झारखंड में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। हाईकोर्ट की सक्रियता से उम्मीद है कि जांच तेज होगी और दोषियों को जल्द सजा मिलेगी।

 

 

 

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