झारखंड: नक्सलियों के पुनर्वास और सुविधाओं की समीक्षा, DGP ने दिए स्पीडी ट्रायल और नोडल अधिकारी की नियुक्ति के निर्देश
झारखंड: नक्सलियों के पुनर्वास और सुविधाओं की समीक्षा, DGP ने दिए स्पीडी ट्रायल और नोडल अधिकारी की नियुक्ति के निर्देश
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रांची : झारखंड में सक्रिय नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने और आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व उग्रवादियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। 16 अप्रैल 2026 को आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक (DGP), झारखंड, तदाशा मिश्र ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की।
पुनर्वास नीति की बारीकी से समीक्षा
बैठक के दौरान राज्य की ‘प्रत्यार्पण एवं पुनर्वास नीति’ के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिलने वाले लाभों और सुविधाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। DGP तदाशा मिश्र ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी प्रावधानों के तहत निर्धारित सभी सुविधाएं प्रत्येक लाभार्थी तक पहुंचनी चाहिए।
बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
आत्मसमर्पित नक्सलियों की व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक जिले में पुलिस अवर निरीक्षक (SI) या उससे ऊपर के स्तर के एक अधिकारी को ‘नोडल पदाधिकारी’ बनाया जाएगा।
स्पीडी ट्रायल: नक्सलियों के विरुद्ध न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है ताकि कानूनी प्रक्रिया में तेजी आए।
मुख्यधारा में लौटने की अपील: पुनर्वास योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया है ताकि वर्तमान में सक्रिय नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रेरित हों।
वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता
सभागार में संजीव कुमार (पुलिस उप महानिरीक्षक, SIB) और नाथु सिंह मीणा (पुलिस अधीक्षक, SIB) उपस्थित रहे। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), अपराध अनुसंधान विभाग (CID) सहित सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक और जिलों के सभी वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) एवं पुलिस अधीक्षक (SP) इस बैठक में शामिल हुए।















