JMM Apprehensive of 'Horse-Trading' in Rajya Sabha Elections

राज्यसभा चुनाव में ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ की आशंका: झामुमो ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, निष्पक्ष मतदान के लिए की कड़ी सुरक्षा की मांग

JMM Apprehensive of 'Horse-Trading' in Rajya Sabha Elections

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रांची: झारखंड में आगामी 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में शुचिता बनाए रखने और संभावित ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ (विधायकों की खरीद-फरोख्त) पर रोक लगाने के लिए आयोग से कड़े कदम उठाने की मांग की है।

सत्तारूढ़ गठबंधन का दावा, विपक्ष पर साधा निशाना

झामुमो ने चुनाव आयोग को भेजे अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वर्तमान विधानसभा में गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जो दो राज्यसभा सीटों के लिए पर्याप्त हैं। पत्र में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मात्र 21 विधायकों का हवाला देते हुए सवाल उठाया गया है कि संख्या बल न होने के बावजूद भाजपा उम्मीदवार क्यों उतार रही है?

पार्टी ने आशंका जताई है कि कम संख्या बल के बावजूद चुनाव में उतरना किसी बड़े राजनीतिक षड्यंत्र का संकेत हो सकता है। झामुमो का आरोप है कि विपक्ष अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए विधायकों को आर्थिक प्रलोभन, अनैतिक दबाव और भयादोहन (Blackmailing) का सहारा ले सकता है।

चुनाव आयोग से की ये प्रमुख मांगें

झामुमो ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग से निम्नलिखित कदम उठाने का आग्रह किया है:

भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण: मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

एजेंसियों की निगरानी: पार्टी ने मांग की है कि किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि पर नजर रखने के लिए सीबीआई (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) जैसी केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों को सतर्क किया जाए।

सुरक्षा व्यवस्था: विधायकों की खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए चुनाव के दौरान विशेष निगरानी तंत्र सक्रिय किया जाए।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

राज्यसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, झामुमो का यह पत्र राज्य की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। झामुमो ने सीधे तौर पर भाजपा नेताओं के बयानों को आधार बनाकर यह पत्र लिखा है, जिससे यह साफ है कि सत्ताधारी दल कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहता। अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग झामुमो की इस शिकायत पर क्या संज्ञान लेता है और राज्य में चुनाव प्रक्रिया को लेकर किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था की जाती है।

इसे भी पढ़े : झारखंड राज्यसभा चुनाव: BJP ने फूंका चुनावी बिगुल, मैदान में उतारेगी अपना प्रत्याशी

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now