JPSC विवाद: परीक्षा कराने वाली एजेंसी ने अपने लोगों को दिलाई सरकारी नौकरी, बाबूलाल मरांडी का आरोप

रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा है कि परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी से जुड़े लोगों ने अपने परिजनों और करीबी लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का काम किया।
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गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बाबूलाल मरांडी ने दावा किया कि एजेंसी से जुड़े कुछ लोगों ने स्वयं, अपने भाई-भाभी और अन्य रिश्तेदारों को सरकारी सेवाओं में नियुक्त कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी से जुड़े कई लोग पहले से राज्य सरकार के विभिन्न पदों पर कार्यरत थे और पूरे मामले में बड़े स्तर पर पैसों का लेन-देन हुआ है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जेपीएससी भर्ती प्रक्रिया में एजेंसी और सरकार से जुड़े लोगों की मिलीभगत सामने आई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच कराने के साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बता दें कि जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्यभर में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। बुधवार को रांची में छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया, जिसे भाजपा ने समर्थन दिया। देर शाम भाजपा के कई नेता जयपाल सिंह स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल पहुंचे और अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन किया।

वहीं, मामले की जांच सीआईडी कर रही है। सरकार जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते का इस्तीफा ले चुकी है और पिछले दो दिनों से उनसे पूछताछ जारी है। अब तक इस मामले में 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।















