पुलिस की रडार से बचने के लिए जंगी और मीविन ऐप का इस्तेमाल कर रहे नक्सली, पीएलएफआई का हार्डकोर सदस्य गिरफ्तार

खूंटी : खूंटी जिले में सक्रिय प्रतिबंधित उग्रवादी और नक्सली संगठनों द्वारा पुलिस की रडार और सर्विलांस सिस्टम से बचने के लिए जंगी और मीविन जैसे मोबाइल एप का इस्तेमाल किए जाने का खुलासा हुआ है। इसका खुलासा बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी ऋषभ गर्ग ने किया।
पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक मामलों में वांछित पीएलएफआई के हार्डकोर सदस्य राजेश महतो उर्फ राजेश यादव को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर एक देशी पिस्टल, दो जिंदा गोली, तीन मोबाइल फोन, एक बैग और पीएलएफआई संगठन से संबंधित पर्चा बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट, लेवी वसूली, फायरिंग और आगजनी जैसे गंभीर मामलों में खूंटी, कर्रा, तोरपा और बेड़ो थाना क्षेत्रों में कई मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि वह पिछले एक दशक से प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था।
दरअसल, कर्रा थाना क्षेत्र में रेलवे कंस्ट्रक्शन साइट पर हुई आगजनी और फायरिंग की घटना की जांच पुलिस द्वारा गठित एसआईटी टीम कर रही थी। जांच के दौरान इस कांड के मुख्य साजिशकर्ता राजेश यादव उर्फ राजेश महतो की गिरफ्तारी हुई, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। वहीं, तोरपा इलाके में हुई आगजनी की घटना का भी एसआईटी टीम ने खुलासा किया है। जांच के दौरान कई अन्य आपराधिक मामलों की जानकारी भी सामने आई है।
एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि राजेश महतो पीएलएफआई के सब जोनल कमांडर अमृत हो के निर्देश पर लेवी वसूली कर संगठन विस्तार का काम कर रहा था। साथ ही क्षेत्र में दहशत फैलाकर ठेकेदारों और कारोबारियों से रंगदारी वसूलने में उसकी सक्रिय भूमिका रही है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के एक मामले में भी आरोपी रह चुका है। इसके अलावा रांची और खूंटी क्षेत्र में दर्ज कई मामलों में वह वांछित था।
इस अभियान में तोरपा एसडीपीओ क्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में पुलिस उपाधीक्षक रामप्रवेश कुमार, जरियागढ़, खूंटी, कर्रा, मारंगहादा थाना पुलिस, खूंटी पुलिस लाइन, कर्रा सशस्त्र बल और खूंटी की तकनीकी शाखा की टीम शामिल रही।
















