NEET UG 2026 : परीक्षा की शुचिता के लिए, प्रश्न पत्र के लिए एयरफोर्स के इस्तेमाल पर विचार , PMO खुद कर रही निगरानी,
NEET UG 2026: परीक्षा की शुचिता के लिए, प्रश्न पत्र के लिए एयरफोर्स के इस्तेमाल पर विचार , PMO खुद कर रही निगरानी, 21 जून को होगा री-एग्जाम
डेस्क : नीट यूजी 2026 परीक्षा में हुई कथित पेपर लीक की घटनाओं के बाद, केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय पर विचार कर रही है। आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली री-एग्जाम के लिए प्रश्न पत्रों को प्रिंटिंग प्रेस से सीधे परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना (IAF) को सौंपी जा सकती है। PMO खुद मामले की निगरानी कर रहा है।
होल-ऑफ-गवर्नमेंट’ अप्रोच के साथ सुरक्षा का कवच
सरकार ने इसे “whole-of-government approach” के रूप में पेश किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देशानुसार, रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय ने संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया जा सकता है की जून के महीने में संभावित खराब मौसम, लॉजिस्टिक चुनौतियों और किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक की आशंका को खत्म करने के लिए पोस्टल सेवाओं के स्थान पर अब वायुसेना के विमानों का उपयोग किया जाए।
संसदीय समिति में NTA और CBI की स्थिति
हाल ही में संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति के समक्ष NTA महानिदेशक अभिषेक सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी पेश हुए। NTA ने समिति को स्पष्ट किया कि पूरे पेपर के लीक होने की बात गलत है, बल्कि परीक्षा के दौरान कुछ प्रश्न बाहर आए थे, जो उनके सिस्टम से नहीं हुए थे। हालांकि, परीक्षा की विश्वसनीयता को सर्वोपरि रखते हुए री-एग्जाम और CBI जांच का निर्णय लिया गया है। CBI की जांच फिलहाल जारी है।आज सीबीआई चीफ संसदीय समिति के सामने पेश होंगे।
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सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में मामला
दूसरी तरफ यह मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में है, जहाँ जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस अलोक अराधे की दो सदस्यीय बेंच सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी करते हुए केंद्र सरकार, NTA और CBI से विस्तृत जवाब तलब किए हैं। याचिकाकर्ताओं द्वारा NTA में व्यापक सुधार या इसके पुनर्गठन की मांग भी जोर-शोर से उठाई जा रही है। आज महत्वपूर्ण सुनवाई है जिसमे NTA को जवाब देना है।
छात्रों के लिए मुख्य निर्देश
री-एग्जाम की तारीख: 21 जून 2026।
शुल्क: छात्रों को री-एग्जाम के लिए किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
शिक्षा मंत्रालय की सलाह: मंत्रालय ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर विश्वास न करें।
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