एनएचएम की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक में तंबाकू निषेध, पीसीपीएनडीटी और योग दिवस की तैयारियों पर जोर

रांची : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), झारखंड के अभियान निदेशक श्री शशी प्रकाश झा ने रविवार को नामकुम स्थित एनएचएम कार्यालय के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष से राज्य के सभी जिलों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने सिविल सर्जनों एवं संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक के दौरान 31 मई को आयोजित होने वाले विश्व तंबाकू निषेध दिवस के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया। अभियान निदेशक ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि यह जागरूकता अभियान केवल एक दिन तक सीमित न रहकर निरंतर जारी रहना चाहिए।
समीक्षा बैठक में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। श्री झा ने जिलों को निर्देश दिया कि अवैध रूप से लिंग जांच करने वाले अस्पतालों एवं केंद्रों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन क्षेत्रों को चिन्हित करने को कहा गया जहां चोरी-छिपे लिंग जांच कराए जाने की आशंका है।
उन्होंने आगामी विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भी जिलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ वातावरण के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में लोगों को स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण मिल सके।
इसके अलावा 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां अभी से शुरू करने का निर्देश दिया गया। अभियान निदेशक ने कहा कि राज्य के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में योग दिवस का आयोजन सुनिश्चित किया जाए और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी हो।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी जिलों के सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी), जिला डेटा प्रबंधक (डीडीएम) सहित राज्य स्तर के विभिन्न कार्यक्रमों के नोडल पदाधिकारी एवं कंसलटेंट शामिल हुए। बैठक में स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन और जनजागरूकता गतिविधियों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
















