चतरा में नशे के नेटवर्क पर पुलिस का फोकस, आईजी ने एनडीपीएस मामलों की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश

चतरा। जिले में बढ़ते नशे के कारोबार और युवाओं में इसकी बढ़ती लत को लेकर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। उत्तरी छोटानागपुर, बोकारो प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने बुधवार को चतरा पहुंचकर एनडीपीएस (NDPS) से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन, निष्पक्ष अनुसंधान तथा तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के निर्देश दिए।

आईजी के आगमन पर पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी सहित जिले के वरीय अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। समीक्षा बैठक में चतरा और रामगढ़ जिले के मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और हर मामले में छोटे से छोटे सुराग को भी गंभीरता से खंगाला जाए।
सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई का जोर
आईजी ने कहा कि कार्रवाई केवल छोटे तस्करों की गिरफ्तारी या मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पुलिस का लक्ष्य नशे की आपूर्ति करने वाले पूरे नेटवर्क, सप्लायरों और तस्करी की कड़ियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना होना चाहिए।
गांव-गांव चलेगा जागरूकता अभियान
बैठक में आईजी ने नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान को और व्यापक बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के साथ समन्वय बढ़ाने, युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती भी है। इसलिए पुलिस के साथ-साथ अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों को भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
समाज से सहयोग की अपील
आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने आम लोगों से पुलिस का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्रवाई कर रही है।
आईजी के निर्देशों के बाद अब पुलिस की आगामी कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। चुनौती केवल मामलों की संख्या बढ़ाने या गिरफ्तारी करने की नहीं, बल्कि युवाओं तक नशा पहुंचाने वाले पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की है। यदि कार्रवाई तस्करी की जड़ों तक पहुंचती है, तभी नशे के खिलाफ अभियान को वास्तविक सफलता मिलेगी।
















