JPSC नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक, नवनियुक्त अफसरों को बड़ी राहत
रांची: JPSC की परीक्षाओं और उनके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती देने वाले नवनियुक्त अफसरों को गुरुवार को बड़ी राहत मिली। जस्टिस दीपक रौशन की अदालत ने सरकार के आदेश पर रोक लगा दी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गौरतलब है की झारखंड सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर नियुक्त कर्मियों को हटाए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली तीन अलग-अलग याचिकाओं की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई ।

मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रौशन की कोर्ट ने जेपीएससी की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा एवं फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति रद्द करने के सरकार के आदेश पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी।
कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार एवं जेपीएससी से जवाब मांगा है। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता अमृतांश वत्स और अधिवक्ता पीएएस पति ने पक्ष रखा।

मामले में दो अलग-अलग याचिका में दीपमाला एवं अन्य के अलावा सोनम कुमारी ने सरकार की उस नोटिफिकेशन को चुनौती दी है, जिसमें 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा विज्ञापन संख्या (1/ 2024) को रद्द करने के आदेश को चुनौती दी गई है। वहीं एक याचिका में जेपीएससी द्वारा आयोजित फूड सेफ्टी ऑफिसर (विज्ञापन संख्या 18/ 2023) के नियुक्ति रद्द करने को सौरव सिंह एवं अन्य ने चुनौती दी है।
याचिकाकर्ता सोनम कुमारी ने याचिका में कहा है कि वह दूसरे जगह की नौकरी छोड़कर यहां ज्वाइन की है। 24 नवंबर 2025 को उन्हें नियुक्ति पत्र मिला था और उन्होंने ट्रेनिंग भी किया। इसी बीच सरकार ने 18 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी कर नियुक्ति रद्द कर दी है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से नियुक्ति रद्द करने के आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया है।
गौरतलब है कि JPSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश जारी किया था। अब इस फैसले को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं पर न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।

















