राजमहल कोल परियोजना क्षेत्र की सड़कें बदहाल, जान जोखिम में डाल चल रहे लोग।
राजमहल कोल परियोजना क्षेत्र की सड़कें जर्जरः 3 किमी सड़क पर चलना जानलेवा, ECL और जिला प्रशासन बेपरवाह।

राजमहल कोल परियोजना क्षेत्र की सड़कें बदहाल, जान जोखिम में डाल चल रहे लोग।
ललमटिया क्षेत्र में सड़कें टूटी, विस्थापितों को नहीं मिल रही बुनियादी सुविधाएं।
ईसीएल की अनदेखी से सड़कें बनी जानलेवा, प्रशासन भी बना मूकदर्शक।
लोकेशन- गोड्डा, झारखंड
झारखंड के गोड्डा जिले स्थित ईसीएल की राजमहल कोल परियोजना ललमटिया क्षेत्र की सड़कें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। अगर हम परियोजना के परिधि की बात करे तो मुख्य मार्ग से लेकर ग्रामीण सड़कों तक की स्थिति खराब है। हालात ऐसे है कि देश हित में जमीन देने वाले भू विस्थापित खुद को ढगा महसूस कर रहे हैं l उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी नसीब नहीं हो रही है। स्वास्थ्य की बात छोड़िए यहां आवागमन में जान हथेली पर लेकर चलनी पड़ती है। बांसडीहा से भेरंडा तक लगभग 2 किलोमीटर की सड़क अत्यंत खराब स्थिति में है।
यह मार्ग गोड्डा से साहिबगंज और पाकुड़ जिले को जोड़ता है। ईसीएल के पास इन सभी सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी है।
मुख्य मार्ग के किनारे ईसीएल का खनन इस तरह बढ़ता जा रहा है। की कभी भी यहां बड़ी दुर्घटना घट सकती है। राजमहल एरिया ऑफिस को जोड़ने वाली गंगा सागर सड़क भी जगह-जगह से टूटी हुई है।
ललमटिया से सीमड़ा तक जाने वाली सड़क भी बेहद जर्जर है। सीमड़ा से मोहनपुर तक की सड़क पर कोयला वाहनों से गिरने वाली मिट्टी और कोयले के कणों के कारण स्थिति और बिगड़ गई है। छोटी गाड़ियां फंस जाती हैं। बाइक सवार दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।
ईसीएल कर्मचारी भी क्षेत्र की सड़कों से परेशान है। एरिया ऑफिस जाने वाली सड़क भी बेहद जर्जर है, संपत ने बताया कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं और पानी जमा रहता है। जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।


















