आक्रोशित छात्रों ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस सरकार को छात्रों की बिल्कुल भी फिक्र नहीं है

आक्रोशित छात्रों ने राजभवन के समीप छात्रवृत्ति पोर्टल सत्र 2122 को अभिलंब निरस्त कर सत्र 2021 में आवेदन पोर्टल चालू करने की मांग पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का धरना दि

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छात्रवृत्ति अधिकार मंच के द्वारा आक्रोशित छात्रों ने राजभवन के समीप छात्रवृत्ति पोर्टल सत्र 2122 को अभिलंब निरस्त कर सत्र 2021 में आवेदन पोर्टल चालू करने की मांग पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का धरना दिया

आक्रोशित छात्रों ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस सरकार को छात्रों की बिल्कुल भी फिक्र नहीं है उस राज्य का भविष्य क्या होगा जिस राज्य के छात्र सड़क पर है राज्य सरकार मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा राजभवन के समक्ष छात्रों ने अपने-अपने जिलों के विधायकों से भी कई बार अनुरोध किया लेकिन कोई भी सकारात्मक उत्तर उन्हें नहीं मिला

बाईट :- रिंकी वंशयार(छात्र)
बाईट :- सोनी सी गुप्ता(छात्र)

छात्रों का कहना है कि जब तक 2020-21 के छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति आवेदन और पोर्टल को पुनः चालू करने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं साथ ही 2021 से 2022 सत्र में नामांकन की प्रक्रिया अभी झारखंड के किसी भी विश्वविद्यालय में प्रारंभ नहीं हुई है विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा 2021 तक के सभी स्तर के पाठ्यक्रमों की अंतिम परीक्षाओं को अगस्त तक पूरा कराए जाने की सूचना जारी की है तथा नामांकन अक्टूबर माह तक पूरे करने की बात कही है ऐसी स्थिति में 2021 से 2022 के नए नामांकित छात्र आवेदन से वंचित होने तथा जो अन्य छात्र सत्र विलंब के कारण छात्र अगले कक्षाओं में गए नहीं है जिससे शिक्षण संस्थान एक वर्ष में दो बार बोनाफायड सर्टिफिकेट जारी नहीं कर सकते हैं ऐसे हालात में राज्य विभिन्न पाठ्यक्रमों के अधिकांश छात्र वंचित रह जाएंगे …….

बाईट :- रामदास वर्मा(छात्र)
बाईट :- छात्र

वही छात्र आमरण भूख हड़ताल पर हैं इनका कहना है कि सरकार बहरी हो चुकी है जो कि अपने ही राज्य के छात्रों की पीड़ा को नहीं समझ रही है सत्ता के नशे में धुत सरकार को होश में आने की जरूरत है अगर सरकार की तरफ से कोई भी संज्ञान नहीं लिया गया तो सरकार छात्रों के आक्रोश को झेलने के लिए तैयार हो जाए

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