सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाई गई: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया अध्यादेश पर हस्ताक्षर
डेस्क : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने संबंधी अध्यादेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस अध्यादेश के तहत मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है, जिससे कुल संख्या 38 (CJI सहित) हो जाएगी।
यह कदम सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के बढ़ते बोझ को कम करने और न्याय प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से उठाया गया है। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में 90,000 से अधिक मामले लंबित हैं।
अध्यादेश की मुख्य बातें:
Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 में संशोधन कर संख्या बढ़ाई गई।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई 2026 को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अध्यादेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया।
संसद के आगामी मानसून सत्र में इसे विधेयक के रूप में पेश कर कानून बनाया जाएगा।
सरकार का मानना है कि जजों की संख्या बढ़ने से कोर्ट की कार्यक्षमता बढ़ेगी और आम नागरिकों को समय पर न्याय मिल सकेगा। यह 2019 के बाद सुप्रीम कोर्ट की जज संख्या में पहली बड़ी बढ़ोतरी है।केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और अर्जुन राम मेघवाल ने इस फैसले की जानकारी दी। कोलेजियम सिस्टम के माध्यम से नए जजों की नियुक्ति की सिफारिशें जल्द आने की उम्मीद है।

















