रांची : सील प्लांट से शराब का स्टॉक और दस्तावेज गायब ,तरंगिनी लिकर्स का लाइसेंस रद्द

रांची: ओरमांझी के उकरीद गांव स्थित तरंगिनी लिकर्स प्राइवेट लिमिटेड के बॉटलिंग प्लांट का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। यह कार्रवाई सील किए गए प्लांट की दोबारा जांच के दौरान शराब की पेटियां, जरूरी दस्तावेज और अन्य साक्ष्य गायब पाए जाने के बाद की गई है।
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1 जुलाई को हुई थी संयुक्त छापेमारी
दरअसल, बीते 1 जुलाई को उत्पाद विभाग और ओरमांझी पुलिस की टीम ने तरंगिनी लिकर्स के बॉटलिंग प्लांट में संयुक्त छापेमारी की थी। जांच के दौरान प्लांट परिसर में कथित तौर पर अवैध तरीके से शराब तैयार करने और बिना पंजीकृत स्टॉक रखे जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद विभाग ने प्लांट को सील कर दिया था।
इस मामले में पूर्व एमएलसी सुबोध कुमार राय समेत देवेंद्र भगत और रविकांत राय को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हालांकि, प्लांट संचालक सुबोध कुमार फिलहाल जमानत पर हैं।

डेढ़ महीने बाद खुली सील तो सामने आया मामला
नियम के तहत सील किए गए प्लांट में मौजूद शराब के स्टॉक, दस्तावेज और अन्य सामग्री का मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सत्यापन किया जाना था। करीब डेढ़ महीने बाद 17 अगस्त को जब प्लांट की सील खोली गई, तो पीछे के दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला।
प्लांट के अंदर जांच के दौरान शराब की कई पेटियां, महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य गायब पाए गए। इसके बाद विभागीय स्तर पर मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की गई और तरंगिनी लिकर्स प्राइवेट लिमिटेड के बॉटलिंग प्लांट का लाइसेंस रद्द कर दिया गया।
अब पूरे मामले में यह भी जांच का विषय है कि सील किए गए परिसर से शराब का स्टॉक और महत्वपूर्ण दस्तावेज किस तरह गायब हुए और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।















