दो वर्षों से बंद पड़ी जलमीनार, नदी में चुआं खोदकर पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल, हर घर जल’ योजना का लाभ सिमडेगा जिले के कई दूरस्थ गांवों तक अब भी नहीं पहुंच सका है। सदर प्रखंड की कुलूकेरा पंचायत स्थित भेलवाटोली गांव में पिछले दो वर्षों से जलमीनार खराब पड़ी है, जिसके कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जलमीनार बंद होने के बाद गांव के लोग आज भी नदी में चुआं (कुआं) खोदकर पानी निकालने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को रोजाना लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ता है। विकास और डिजिटल इंडिया के दावों के बीच गांव की यह तस्वीर बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत बयां कर रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद गांव की समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं देता। उनका आरोप है कि जलमीनार की मरम्मत के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल के अलावा बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पा रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से खराब पड़ी जलमीनार की जल्द मरम्मत कर नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों रुपये खर्च कर जलमीनारें तो बनाई जाती हैं, लेकिन समय पर रखरखाव और जवाबदेही नहीं होने के कारण कई जलमीनारें बेकार पड़ी रहती हैं। इससे सरकारी योजनाओं का उद्देश्य अधूरा रह जाता है और ग्रामीणों को आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.

















