अधिवक्ता दिवस के रुप में मनायी गई देशरत्न डाॅ0 राजेन्द्र प्रसाद की 136 वीं जयंती.

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दुमका, शौरभ सिन्हा.

दुमका : जिला अधिवक्ता संघ दुमका के तत्वावधान में गुरूवार को भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ0 राजेंद्र प्रसाद की 136 वीं जयंती मनाई गई। संविधान मर्मज्ञ, प्रसिद्ध शिक्षाविद व लब्ध प्रतिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र बाबू की जयंती के अवसर पर अपना उद्गार प्रकट करते हुए जिला अधिवक्ता संघ, दुमका के अध्यक्ष व वरीय अधिवक्ता गोपेश्वर प्र0 झा ने कहा कि राजेंद्र बाबू के उच्च आदर्शों पर चलकर ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि प्रकट की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आम आदमी के कल्याणकारी उद्देश्यों की पूर्ति के लिए इस दिन संविधान में होने वाले संशोधनों पर विमर्श की जरूरत है। शिष्ट आचरण और यूनीफाॅर्म कोड का अनुपालन करने वाले एक अधिवक्ता को प्रतिवर्ष संघ की ओर से सम्मानित किये जाने के प्रस्ताव पर श्ऱद्धांजलि सभा में मौजूद सदस्यों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। कार्यक्रम के संचालन अधिवक्ता विद्यापति झा ने कहा कि पिछले 16-17 वर्षों से जिला अधिवक्ता संघ, के तत्वावधान में देशरत्न की जयंती को अधिवक्ता दिवस मनाने की एक स्वस्थ परंपरा रही है जो निर्वाध जारी है। अधिवक्ता अमरेन्द्र सुमन ने कहा कि देशरत्न के नाम से पूर्व से ही प्रस्तावित देशरत्न डाॅ0 राजेन्द्र प्रसाद प्रशाल को अविलंब अमल में लाए जाने की आवश्यकता है।

एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की चर्चा और उसपर सामुहिक सहमति की बात पर अधिवक्ता नीलकंठ झा ने अपनी बात रखी। इस अवसर पर अधिवक्ता सोमनाथ डे, महादेव महतो, अंकित कुमार, रेखा सिन्हा, वीणा सिंह, समीर कुमार सिन्हा, वरुण कुमार सिंह, प्रभात चन्द्र ठाकुर, विभीषण राउत, कमोद कुमार झा, रवीन्द्र नाथ सहाय, वंशीधर पंडित, विभूति भूषण झा, महेन्द्र साह, प्रवीर कुमार दूबे, के एन गोस्वामी तथा कार्यालय कर्मी प्रियव्रत सिन्हा मौजूद थे। कोरोना संक्रमण काल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पूरी सादगी के साथ जयंती कार्यक्रम मनाया गया। उपस्थित सदस्यों ने डाॅ0 राजेन्द्र प्रसाद को महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर गांधीवादी और उत्कृष्ट अधिवक्ता से संबोधित किया।

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