स्लीपर सेल (sleeper cell) ने रचा था रामनवमी में लोहरदगा शोभायात्रा में पथराव की साजिश
Ranchi: आपने अक्षय कुमार की फिल्म हॉलिडे तो जरूर देखि होगी ,उस फिल्म में आपको दिखाया जाता है की स्लीपर सेल (sleeper cell) कैसे आम लोगो के बीच घुले मिले रहते है और बिस्फोट की बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश में लगे रहते है। ठीक उसी तरह झारखण्ड के लोहरदगा में भी स्लीपर सेल ने रामनवमी के अवसर पर दंगा भड़काने की साजिश रची थी। पुलिस की अब तक की जाँच में इस बात की संभावना जताई जा रही है. लोहरदगा के SDO अरविंद कुमार लाल ने कहा कि ऐसी संभावना है कि यह काम आतंकियों के स्लीपर सेल का ही है. ऐसी संभावना भी है की लोहरदगा जिले में स्लीपर सेल की पिछले दो साल से एक्टिव था
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फुटबॉल प्रतियोगिता के आयोजन के नाम पर आतंकी फंडिंग की जा रही थी. एसडीओ ने कहा कि रामनवमी शोभायात्रा के दिन शहर के दुपट्टा चौक से कुटूम-ढोड्हा टोली पथ पर स्लीपर सेल के सदस्य किसी बड़ी घटना को अंजाम देकर सांप्रदायिक हिंसा फैलाना चाहते थे. इसकी भनक समय रहते प्रशासन को मिल गई. इसके बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया. स्लीपर सेल के सदस्य ऑटो से उस क्षेत्र में घूम रहे थे.
जब पुलिस को सूत्रों से यह ज्ञात हुआ तो पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया. इसकी भनक लगने पर वे निकल गए, जिस कारण स्लीपर सेल के सदस्यों के बारे में प्रशासन को पूरी जानकारी नहीं मिल पाई.
जब उन्हें घटना को अंजाम देने में कामयाबी नहीं मिली तो उन्होंने हिरही में इस घटना को अंजाम दे दिया. SDO ने बताया की कि पूरे मामले में दो-तीन बातें काफी महत्वपूर्ण हैं. पहली तो यह कि हिरही गांव में पथराव की घटना के बाद स्थिति सामान्य हो गई थी, लेकिन दोबारा कुछ लोगों द्वारा लोगों को उकसा कर हमला कराया गया.
दूसरी बात यह है कि जब दो पक्षों के बीच विवाद हो रहा था, उसी बीच भोक्ता बगीचा मेला में आग लगा दी गयी. मेले में आग लगाने की घटना किसी दूसरे ही गुट ने अंजाम दिया है. यह लग रहा है कि इस घटना को स्लीपर सेल के सदस्यों ने अंजाम दिया है.
जनवरी 2020 को हिंसा की घटना के बाद राष्ट्र विरोधी ताकतों की ओर से यहाँ पर स्लीपर सेल को एक्टिव किया गया था ऐसी जानकारी पुलिस को थी .

















