रांची: नामकुम में बालू माफियाके ट्रक की टक्कर से थाना प्रभारी घायल, अवैध खनन पर सवाल

रांची: नामकुम में बालू माफियाके ट्रक की टक्कर से थाना प्रभारी घायल, अवैध खनन पर सवाल

रीता कुमारी

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रांची: नामकुम में बालू माफियाके ट्रक की टक्कर से थाना प्रभारी घायल, अवैध खनन पर सवाल

रांची के नामकुम थाना क्षेत्र में शनिवार शाम  पलांडू मिशनरी स्कूल के पास एक गंभीर हादसा हुआ, जिसमें अवैध बालू लदे ट्रक (टर्बो) ने पेट्रोलिंग पर निकली नामकुम थाना प्रभारी की बोलेरो गाड़ी को टक्कर मार दी। इस टक्कर में दोनों वाहन पलट गए, जिससे थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार और उनके बॉडीगार्ड अमित कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे ने एक बार फिर रांची में अवैध बालू खनन और माफिया की बेलगाम गतिविधियों को उजागर किया है।

हादसे की वजह: अनियंत्रित ट्रक और अवैध बालू

बोलेरो चालक विजय ने बताया कि थाना प्रभारी क्षेत्र का दौरा करने के लिए निकले थे। पलांडू के पास रांची की ओर से तेज रफ्तार में आ रहा बालू लदा ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और बोलेरो से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन सड़क पर पलट गए। मनोज कुमार के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जिनमें कई टांके लगाए गए, जबकि अमित कुमार के सिर और नाक में चोटें आईं। ट्रक चालक मौके से फरार हो गया, और ट्रक में लदा बालू एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के प्रतिबंध के बावजूद परिवहन किया जा रहा था।

घायलों को तुरंत सिदरौल के कलावती अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ऑर्किड अस्पताल रेफर किया गया। डीएसपी अमर कुमार पांडेय, खरसीदाग ओपी प्रभारी भवेश कुमार, और डीआईजी सह एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और ट्रक चालक के खिलाफ जांच शुरू की। हालांकि, बालू के वैध या अवैध होने की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, और यह जांच का विषय बना हुआ है।

बालू माफिया और एनजीटी नियमों का उल्लंघन

यह हादसा रांची में अवैध बालू खनन और परिवहन की गंभीर समस्या को रेखांकित करता है। एनजीटी ने मॉनसून के दौरान (10 जून से 15 अक्टूबर) बालू खनन पर रोक लगाई है, लेकिन रांची के विभिन्न क्षेत्रों, जैसे कांची, रायसा, और दामोदर नदी, से बालू माफिया बेखौफ खनन और परिवहन कर रहे हैं। हाल के महीनों में, रांची जिला प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ छापेमारी की है, जिसमें कई वाहन जब्त किए गए, लेकिन माफिया का नेटवर्क कमजोर नहीं पड़ा।[सूत्रों के मुताबिक, बालू माफिया स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कथित मिलीभगत से ही अपना कारोबार चला रहे हैं। रांची के सोनाहातू, सिल्ली, और बुंडू जैसे क्षेत्रों में रात के अंधेरे में सैकड़ों ट्रैक्टर और ट्रक अवैध बालू ढो रहे हैं, जिससे नदियों का पर्यावरणीय संतुलन खतरे में है और सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।

प्रशासन पर सवाल, कार्रवाई की मांग
जाहिर है यह हादसा न केवल सड़क सुरक्षा की कमी को दर्शाता है, बल्कि बालू माफिया के खिलाफ कार्रवाई में प्रशासन की नाकामी को भी उजागर करता है। स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता लंबे समय से अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के अभाव में माफिया बेखौफ हैं। पुलिस और खनन विभाग ने इस मामले में जांच शुरू की है, लेकिन यह देखना बाकी है कि क्या इस हादसे के बाद बालू माफिया पर लगाम लगेगी।

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