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RJD प्रवक्ता कैलाश यादव का बड़ा हमला: “असम में सबसे ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठिए, फिर मुख्य चुनाव आयोग ने SIR क्यों नहीं किया?”

राजद प्रदेश प्रवक्ता कैलाश यादव ने आज मुख्य चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि असम में बांग्लादेशी घुसपैठियों की सबसे ज्यादा समस्या होने के बावजूद चुनाव आयोग ने वहां Special Intensive Revision (SIR) नहीं कराया, जबकि पश्चिम बंगाल में जल्दबाजी में SIR कराया गया।

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यादव ने कहा, “विगत 10-11 वर्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह असम में बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकालने का वादा करते रहे, लेकिन आज भी चुनाव प्रचार में वही बात दोहरा रहे हैं। चुनाव आयोग चुपचाप मौन समर्थन दे रहा है। घुसपैठियों को रोकना SIR का मुख्य उद्देश्य बताया जाता है, तो असम में SIR क्यों नहीं किया गया? यह बड़ा सवाल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर खड़ा होता है।”

राजद ने आरोप लगाया है कि बंगाल में SIR के दौरान लगभग 150 प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला कर दिया गया, लेकिन असम में एक भी अधिकारी का तबादला नहीं हुआ। बिहार में विपक्ष के विरोध के बावजूद SIR किया गया, जबकि असम में इससे बचाव किया गया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बीजेपी के पक्ष में पक्षपातपूर्ण कार्यशैली का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि देशभर में SIR को लेकर सैकड़ों याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं।

कैलाश यादव ने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, लेकिन ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में इसकी निष्पक्षता पर भरोसा नहीं किया जा सकता। इसलिए महाभियोग प्रस्ताव आने तक उनके अधिकारों पर विराम लगा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने याद दिलाया कि आगामी पांच राज्यों (जिनमें असम भी शामिल) के विधानसभा चुनाव की तिथि घोषित हो चुकी है, लेकिन विपक्ष के 193 सांसदों (लोकसभा और राज्यसभा) ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ पहली बार महाभियोग प्रस्ताव लाया है।

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