Worker discontent at Surda Mines

घाटशिला: सूरदा माइंस में श्रमिकों का असंतोष, आर.के. इंटरप्राइजेज पर लगा अधिकारों की अनदेखी का आरोप

Worker discontent at Surda Mines

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नीरज तिवारी

घाटशिला: हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की सूरदा माइंस में खनन कार्य कर रही संवेदक कंपनी ‘आर.के. इंटरप्राइजेज रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के खिलाफ मजदूरों में भारी आक्रोश है। माइंस में कार्यरत लगभग 950 मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर अपने बुनियादी श्रमिक अधिकारों का हनन करने का गंभीर आरोप लगाया है।

मजदूरों की प्रमुख मांगें

मजदूरों का कहना है कि उन्हें श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं से लंबे समय से वंचित रखा जा रहा है। उनकी मुख्य समस्याओं में शामिल हैं:
न्यूनतम मजदूरी: सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान न किया जाना।
चिकित्सा सुविधा: कार्यस्थल पर स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का अभाव।
दुर्घटना सुरक्षा: किसी भी अनहोनी की स्थिति में उचित मुआवजे और सुरक्षा उपकरणों की कमी।

आंदोलन की रणनीति: बागराई मार्डी को मिली कमान

अपनी मांगों को लेकर हाल ही में मजदूरों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से मजदूर नेता बागराई मार्डी को आंदोलन का नेतृत्वकर्ता नियुक्त किया गया है।
बैठक को संबोधित करते हुए बागराई मार्डी ने कहा, “मजदूरों का शोषण अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम सबसे पहले कंपनी प्रबंधन के साथ शांतिपूर्ण वार्ता का प्रयास करेंगे, लेकिन यदि हमारी जायज मांगों को अनसुना किया गया, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।”

मजदूरों का दावा है कि वे काफी समय से अपनी इन समस्याओं को प्रबंधन के सामने उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इस लापरवाही के कारण अब मजदूरों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।

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