AI क्लोन कर युवती का बनाया आपत्तिजनक वीडियो,फिर उसी वीडियो को दिखाकर किया दुष्कर्म
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चाईबासा: सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती कॉलेज छात्रा के लिए खौफनाक साजिश में बदल गई। आरोप है कि एक युवक ने AI वीडियो क्लोनिंग तकनीक का इस्तेमाल कर युवती की अश्लील तस्वीरें बनाईं, फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया और कई बार दुष्कर्म किया।
मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
मुफस्सिल थाना क्षेत्र में रहने वाली पीड़िता (चक्रधरपुर निवासी) ने 7 जून 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, दिसंबर 2025 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आरोपी सूरज से उसकी पहचान हुई। शुरुआत में पढ़ाई और सामान्य बातचीत होती रही, जो धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई।आरोपी ने कथित तौर पर युवती की फोटो और वीडियो का इस्तेमाल कर AI वीडियो क्लोनिंग तकनीक से अश्लील तस्वीरें और वीडियो तैयार कर लिए। बाद में इन्हीं आपत्तिजनक सामग्री को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर युवती को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
फोटो डिलीट करने के बहाने रांची बुलाया, दुष्कर्म किया
पीड़िता की शिकायत में बताया गया कि जब उसने आपत्तिजनक सामग्री हटाने की गुहार लगाई तो आरोपी ने फोटो डिलीट करने का झांसा देकर उसे 3 जनवरी 2026 को रांची बुलाया। वहां आरोपी ने युवती को होटल में ठहराया और उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया।इसके बाद भी आरोपी ने सामग्री डिलीट नहीं की। उल्टा वह लगातार ब्लैकमेल करता रहा और युवती को रांची तथा चाईबासा के विभिन्न होटलों में बुलाकर करीब चार बार दुष्कर्म करने का आरोप है।जब युवती ने विरोध किया और आरोपी के दबाव से मुक्त होने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसे और उसके परिवार वालों को जान से मारने की धमकी दी। लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलने के बाद युवती ने आखिरकार पुलिस से मदद मांगी।
मुफ्फसिल थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी सूरज के विरुद्ध दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, धमकी और AI तकनीक के दुरुपयोग से संबंधित धाराओं में नामजद FIR दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। साइबर सेल की मदद से डिजिटल सबूत, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और क्लोनिंग में इस्तेमाल हुए टूल्स की भी छानबीन की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा, “पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।”
जाहिर है की यह मामला सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दुरुपयोग से होने वाले यौन अपराधों पर आम लोगो को सतर्क करता है। क्योंकि डीपफेक और वीडियो क्लोनिंग अब ब्लैकमेलिंग का नया और खतरनाक हथियार बन चुके हैं।

















